श्रेयस और ईशान को घरेलू क्रिकेट को महत्व न देना भारी पड़ा है। केंद्रीय अनुबंध गंवाकर उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ी। हालांकि अब जब श्रेयस की टीम इंडिया वापसी हो चुकी है तो उन्हें जल्द ही अनुबंध भी मिल जाएगा। लेकिन ईशान को लेकर माना जा रहा है कि बीसीसीआई की नसीहत नहीं मानने पर उन पर कड़ी कार्रवाई हुई है। यही वजह है कि एक बार फिर श्रीलंका दौरे पर उनकी अनदेखी की गई है। अगर ईशान यही रवैया जारी रखते हैं तो उनका क्रिकेट करियर खतरे में पड़ सकता है
भारत के दो दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली के टी-20 फॉर्मेट को अलविदा कहने के बाद चर्चा थी कि अब विस्फोटक बल्लेबाज ईशान किशन को टीम में जगह मिल जाएगी। यही नहीं उन्हें रोहित के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा था। लेकिन हाल ही में जिम्बाब्वे और अब श्रीलंका दौरे पर टीम इंडिया ने कई युवा खिलाड़ियों को मौका दिया है। मगर पिछले एक साल से टीम से बाहर चल रहे ईशान को एक बार फिर नजरअंदाज किया गया है। कहा जाए तो एक तरह से दक्षिण अफ्रीकी दौरे से वापस आना और फिर घरेलू क्रिकेट को तवज्जो नहीं देने से वे चयनकर्ताओं के निशाने पर आ गए और उन्हें यह भारी पड़ रहा है। यही वजह है कि एक बार फिर श्रीलंका दौरे लिए उनकी अनदेखी की गई है।
ईशान के साथ श्रेयस अय्यर को भी घरेलू टूर्नामेंट को तवज्जो नहीं देने पर भारी कीमत चुकानी पड़ी थी। हालांकि इसके बाद श्रेयस ने मुंबई के लिए रणजी सेमीफाइनल और फाइनल खेला। श्रेयस को श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के लिए वनडे टीम में चुना गया है। श्रेयस और ईशान को केंद्रीय अनुबंध गंवाकर इसकी कीमत चुकानी पड़ी थी। हालांकि, अब जब श्रेयस की वापसी हो चुकी है तो उन्हें जल्द ही केंद्रीय अनुबंध भी मिल जाएगा। लेकिन ईशान को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि बीसीसीआई की नसीहत नहीं मानने से उन पर कड़ी कार्रवाई हुई है। अगर ईशान यही रवैया जारी रखते हैं तो उनके करियर पर भी ग्रहण लग सकता है।
वहीं सोशल मीडिया और मीडिया में चर्चा जोरों पर है कि ईशान किशन जल्द भारत का साथ छोड़ एक अन्य देश के लिए क्रिकेट खेलने वाले हैं। उन्हें कई देशों से ऑफर मिल रहे हैं। जैसे बीते कुछ वर्ष पहले संजू सैमसन को आयरलैंड की ओर से एक बड़ा ऑफर आया था कि वह न केवल उनकी ओर से क्रिकेट खेलें, बल्कि टीम की कप्तानी भी करें। कहा जा रहा है कि कुछ ऐसी ही पेशकश अब ईशान किशन को भी आ सकती है। ऐसे में अगर ऐसा होता है, तो ईशान इसपर क्या फैसला लेंगे वो तो समय ही बताएगा।
पहले भी ऐसा कर चुके हैं कई खिलाड़ी
क्रिकेट इतिहास में कई बार ऐसा हो चुका है जब एक देश का खिलाड़ी अपना वतन छोड़ दूसरे देश की तरफ से खेल चुके हैं या खेल रहे हैं। इस सूची में कई सारे भारतीय क्रिकेटर भी शामिल हैं। सबसे बड़ा नाम उनमुक्त चंद का है। इस प्रतिभाशाली बल्लेबाज ने साल 2012 में अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को अंडर-19 विश्व कप जिताया था। हालांकि उन्हें भारत की ओर से खेलने का अवसर नहीं मिला। इससे निराश होकर वे अमेरिका चले गए और वहीं क्रिकेट खेलने लगे। उनके अलावा समित पटेल, हरमीत सिंह, सौरभ नेत्रवलकर आदि का भी नाम इस वजह से काफी चर्चाओं में रहा है। इन सबने मौके की तलाश में अपना मुल्क छोड़ किसी अन्य देश का प्रतिनिधित्व करने का फैसला लिया था।
गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के साथ ईशान के रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे हैं। हालांकि उनके टैलेंट पर कभी किसी को शक नहीं रहा। ईशान की टीम में वापसी के लिए बीसीसीआई ने कुछ शर्तें रखी थीं जिन्हें उन्होंने मानने से इनकार कर दिया था। अब ईशान की जगह रियान पराग तक को भारतीय वनडे टीम में जगह मिली है।
इस तरह वापसी कर सकते हैं ईशान
ईशान तब तक वापसी नहीं कर सकेंगे, जब तक वह घरेलू क्रिकेट का एक पूरा सत्र नहीं खेल लेते। सिर्फ आईपीएल को तवज्जो देने से उन्हें नुकसान पहुंच रहा है। ईशान के नहीं होने से संजू सैमसन का फायदा हो रहा है। रियान के अलावा तेज गेंदबाज हर्षित को वनडे सीरीज के लिए चुना गया है। अब मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि ईशान को बीसीसीआई ने सख्त हिदायत दी है। बोर्ड ने एक साल पहले ही कहा था कि जो क्रिकेटर घरेलू क्रिकेट को तवज्जो देगा, उसे तरजीह दी जाएगी। अगर अब भी ईशान बीसीसीआई की हिदायत का पालन करते हैं तो टीम में वापसी कर सकते हैं।
घरेलू क्रिकेट को तवज्जो देगा बीसीसीआई
बीसीसीआई ने अपने एक बयान में कहा कि बोर्ड आगामी घरेलू क्रिकेट सत्र 2024-25 में खिलाड़ियों की उपलब्धता और भागीदारी की निगरानी करना जारी रखेगा। असम के रियान पराग को पिछले साल विजय हजारे राष्ट्रीय वनडे में सात अर्धशतक जड़कर उनके शानदार प्रदर्शन का फायदा मिला। मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि राष्ट्रीय चयन समिति घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन को पूरा महत्व देगी। इस साल आईपीएल में केकेआर की तरफ से 19 विकेट चटकाने वाले तेज गेंदबाज हर्षित राणा को वनडे टीम में शामिल किया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि चयनकर्ताओं को लगता है कि यह अपने तेज गेंदबाजों के पूल को व्यापक बनाने और यह देखने का सबसे अच्छा समय है कि वे बड़े स्तर पर कैसा प्रदर्शन करते हैं। अभिषेक और ऋतुराज की जगह टीम में नहीं बनी, क्योंकि ये दोनों तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे थे और सूर्या खुद इस नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरेंगे।
ईशान ने आठ महीने पहले खेला था मैच
ये देखने वाली बात होगी कि ईशान कब से घरेलू क्रिकेट खेलने को चुनते हैं। या फिर अगर वह बीसीसीआई की नसीहतों को दरकिनार करना जारी रखते हैं तो उनके लिए आगे वापसी का रास्ता मुश्किलों से भरा हो सकता है। ईशान ने नवंबर 2023 में पिछला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था जो कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक टी-20 मैच था। वहीं उन्होंने पिछला वनडे अक्तूबर 2023 में खेला था। जुलाई 2023 में उन्होंने पिछला टेस्ट खेला था। ईशान की गैरमौजूदगी ने ध्रुव जुरेल को टेस्ट डेब्यू का मौका दिया था।
ईशान का क्रिकेट करियर
भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज ईशान किशन की आयु अभी महज 26 साल है। वे तीनों फॉर्मेट में पर्दापण कर चुके हैं। ईशान अब तक 2 टेस्ट , 27 वनडे और 32 टी-20 मैच भारत के लिए खेल चुकें हैं। उनके नाम 2 टेस्ट मैचों की तीन परियों में 78 रन हैं जिसमें एक 52 रनों की अर्धशतकीय पारी है। वहीं 27 एकदिवसीय मुकाबलों की 24 परियों में कुल 933 रन हैं। जिसमें एक शक एक दोहरा शतक और सात अर्ट्टाशतक शामिल हैं। टी-20 की बात करें तो 32 मैचों में 6 अर्धशतकों के साथ 796 रन बनाए हैं। जिसमें 89 रनों की सर्वश्रेठ पारी शामिल है। ईशान ने आखिरी मैच पिछले साल खेला था तब से वे टीम से बाहर चल रहे हैं।

