बिहार चुनाव की सरगर्मियां बढ़ चुकी हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी बिहार चुनाव में उतर चुके है। नरेंद्र मोदी ने आज बिहार के सासाराम और भागलपुर में रैलियां की तो वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी ने भी नवादा और भागलपुर में रैलियां की। प्रधानमंत्री मोदी ने सासाराम की रैली में भोजपुरी में अपने भाषण की शुरुआत की।
नरेंद्र मोदी की रैली की कुछ प्रमुख बातें।
बिहार कोरोना का मुकाबला करते हुए सारी सावधानियों के साथ लोकतंत्र का पर्व मना रहा है।एक बात जो यहां के लोगों में बहुत अच्छी होती है, वह है उनकी स्पष्टता। उन्होंने ठान लिया है कि जिनका इतिहास बिहार को बीमारू राज्य बनाने का है, उन्हें आसपास भी नहीं फटकने देंगे।
मोदी ने कहा कि भारत के सम्मान बा बिहार,भारत के स्वाभिमान बा बिहार,भारत के संस्कार बा बिहार, आजादी के जयघोष बा बिहार, संपूर्ण क्रांति के शंखनाद बा बिहार, आत्मनिर्भर भारत के परचम बा बिहार।
2014 में केंद्र में सरकार बनने के बाद, जितने समय बिहार को डबल इंजन की ताकत मिली, राज्य के विकास के लिए और ज्यादा तेजी से काम हुआ है। कोरोना के समय में भी गरीबों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एनडीए सरकार ने काम किया है।
देश जहां संकट का समाधान करते हुए आगे बढ़ रहा है, वहीं कुछ लोग हर संकल्प के सामने रोड़ा बनकर खड़े हैं। देश ने किसानों को बिचौलियों और दलालों से मुक्ति दिलाने का फैसला लिया तो ये उनके पक्ष में खुलकर मैदान में आ गए हैं। इनके लिए देशहित नहीं, दलालों का हित ज्यादा महत्वपूर्ण है।
सुविधा के साथ-साथ बिहार के सभी वर्गों को अधिक से अधिक अवसर देने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को मिलने वाले आरक्षण को अगले 10 साल तक के लिए बढ़ा दिया गया है।
बता दें बिहार में इस बार तीन चरणों में चुनाव होना है। जिसे लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने चुनाव प्रचार में लगी हुई हैं। जहां एक तरफ बीजेपी और नीतिश कुमार की पार्टी गठबंधन में चुनाव लड़ रही है। वहीं दूसरी तरफ आरजेडी, कांग्रेस और वांमपंथी पार्टियों का महागठबधंन है। अब देखना होगा कि किसे बिहार के लोग अपना रहनुमा चुनते है। हालांकि कोरोना वायरस के कारण चुनाव आयोग ने रैलियों में क्राउड को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। वोटों की गिनती 10 नंवबर को होनी है।

