अचानक संसद का विशेष सत्र बुलाने की मोदी सरकार की घोषणा के बाद इस बात की अटकलें लगाई जा रही थी कि लोकसभा चुनाव समय से पहले हो सकता है। लेकिन सूत्रों की मानें तो जल्द चुनाव के आसार कम हैं। माना जा रहा है कि सरकार संसद के विशेष सत्र में यूसीसी, महिला आरक्षण, एक देश एक चुनाव जैसे कुछ अहम विधेयकों को पेश और पारित करके अपनी एक अलग छवि बनाने की जुगत में है। स्पष्ट है कि ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल विपक्षी पार्टियां जहां आपसी मतभेद भुलाकर ‘मोदी हटाओ अभियान’ में जुटी हैं, तो वहीं सत्ताधारी भाजपा अपनी विकास परक छवि बनाकर 2024 में विपक्ष का खेल बिगाड़ने की तैयारी में है। समय पूर्व चुनाव की संभावना को इसलिए भी खारिज किया जा रहा है क्योंकि अयोध्या में भव्य राममंदिर का शुभारंभ अगले वर्ष 14 जनवरी के बाद होना है। भाजपा नेताओं का मानना है कि अयोध्या में 15 से 24 जनवरी के बीच रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद देश में जो राममय माहौल तैयार होगा, वह किसी भी अन्य बड़े निर्णयों के मुकाबले कहीं ज्यादा प्रभावी होगा। ऐसे में फरवरी से पहले चुनाव में जाने की संभावना कतई नहीं है। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी ने समय से पहले लोकसभा चुनाव कराने का फैसला किया था, लेकिन तब पार्टी को सत्ता से बाहर होना पड़ा था। ऐसे में सियासी जानकार समय से पहले चुनाव कराने की थ्योरी को खारिज कर रहे हैं।
तय समय पर होंगे लोकसभा चुनाव!

