नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मनोज सिन्हा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू- कश्मीर के नए उप राज्यपाल होंगे। वे अब तक उपराज्यपाल पद पर आसीन गिरीश चंद्र मुर्मू का स्थान लेंगे। मुर्मू का इस्तीफा राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है।
मुर्मू जम्मू- कश्मीर के प्रथम उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने 5 अगस्त की शाम इस्तीफे की पेशकश की थी। मुर्मू को देश को कंट्रोलर आॅफ आॅडिट जनरल (सीएजी) बनाए जाने की खबर है।गिरीश चंद्र मुर्मू को अक्टूबर 2019 में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू- कश्मीर का प्रथम उप-राज्यपाल नियुक्त किया गया था। गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी जीसी मुर्मू को कानून व्यवस्था का लंबा तर्जुबा रहा है। नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, उसी वक्त मुर्मू गृह विभाग में सचिव बने रहने के बाद सीएमओ में भी उनके सचिव थे। गिरीश चंद्र मुर्मू 1985 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।
राजनीति में हमेशा सक्रिय रहे। वे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष भी रहे। वर्ष 1989 में बीजेपी राष्ट्रीय परिषद के सदस्य बने फिर वर्ष 1996, वर्ष 1999 और साल 2014 में गाजीपुर से सांसद भी रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर के नए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में केंद्रीय संचार मंत्री, रेल राज्यमंत्री का जिम्मा दिया गया था। सिन्हा बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के छात्र रहे हैं। उनका गाजीपुर के साथ बलिया, मऊ और आजमगढ़ जिलों में राजनीतिक दबदबा हमेशा बना रहा है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के बहुत ही खास माने जाते हैं। नरेंद्र मोदी और मनोज सिन्हा के आरएसएस के समय से ही अच्छे संबंध हैं।
सिन्हा गाजीपुर में जन्मे और आईआईटी बीएचयू से पढ़ाई पूरी की। उनकी छवि निष्पक्ष और साफ-सुथरी मानी जाती है। राजनीति में हमेशा सक्रिय रहे। वे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष भी रहे। वर्ष 1989 में बीजेपी राष्ट्रीय परिषद के सदस्य बने फिर वर्ष 1996, वर्ष 1999 और साल 2014 में गाजीपुर से सांसद भी रहे हैं।

