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रघुपति राघव राजा राम को लेकर महबूबा का विवादित बयान

हमेशा अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाली जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। जिसे लेकर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। इस बार उन्होंने जम्मू कश्मीर के एक स्कूल में बच्चों से गवाए जा रहे भजन ‘रघुपति राघव राजा राम’ पर एक ट्वीट कर भाजपा पर निशाना साधा है।

 

महबूबा ने लिखा कि ‘‘धार्मिक विद्वानों को जेल में डालना, जामा मस्जिद को बंद करना और यहां के विद्यार्थियों को हिंदू भजन गाने के लिए निर्देशित करना कश्मीर में भारत सरकार के वास्तविक हिंदुत्व एजेंडे को उजागर करता है। इन आदेशों को नकारना पीएसए और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम को आमंत्रित करता है। यह वह कीमत है जो हम इस तथाकथित ‘बदलता जम्मू-कश्मीर’ के लिए चुका रहे हैं।’

महबूबा का कहना है कि सरकार ने साल 2019 से जामा मस्जिद को बंद कर दिया है। पुराने वीडियोज के आधार पर हमारे धार्मिक नेताओं को जेल में डाला जा रहा है और अब बीजेपी हिंदुत्व के एजेंडे की राजनीति कर रही है और स्कूलों पर भजन थोप रही है। वहीं बीजेपी नेता व अन्य कई व्यक्तियों का कहना है की ये भजन 2 अक्टूबर को आयोजित की जाने वाली गाँधी जयंती के लिए तैयार किया जा रहा है। इसमें कोई धार्मिक भावना नहीं है। महबूबा मुफ़्ती द्वारा लगाए आरोप के बाद भाजपा ने महबूबा पर बिना तथ्यों की जांच के झूठ फैलाने का आरोप लगाया जा रहा है। जम्मू कश्मीर भाजपा अध्यक्ष रविन्द्र रैना का कहना है कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता संग्राम में रघुपति राघव राजा राम गुनगुनाते हुए ही पूरे देश को जोड़ने का काम किया था और अगर स्कूलों में बच्चे सुबह की प्रार्थना में गाते हैं तो इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। जम्मू में महबूबा मुफ्ती राजनीतिक जमीन खो चुकी हैं इसलिए जहर घोलकर राजनीतिक षड्यंत्र करने की कोशिश कर रही हैं।

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