नाबालिग हिंदू लड़की महक को न्याय दिलाने के लिए जेया सिंध महज (जेएसएम) के नेतृत्व में सोमवार को विभिन्न उदारवादी मुस्लिम संगठनों ने मार्च निकाला। ये मार्च पाकिस्तान के सिंध प्रांत के जैकोबाबाद शहर में निकाला गया।
जैकोबाबाद से सोशल मीडिया पर आए एक वीडियो के मुताबिक, इस मार्च में शामिल मुस्लिम उदारवादियों का नेतृत्व सिंधी लोक गायकों ने किया। प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर उतरे लोग सांप्रदायिक सद्भाव के गीत गा रहे थे और मेहक को इंसाफ देने की मांग कर रहे थे।
#Breaking;Hindu community in #Jacobabd,Pakistan staged protest after court didn’t recorded statement of minor #HinduGirl #MehakKumari who was allegedly kidnapped, converted to #Islam & married to a Muslim. Pak Rangers sealed the city to stop Hindus to assemble in favour of #Mehak pic.twitter.com/Vjo3T333No
— Ravinder Singh Robin ਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ رویندرسنگھ روبن (@rsrobin1) February 3, 2020
प्रदर्शकारियों के हाथों में विभिन्न तरह के बैनर और संगीत के वाद्ययंत्र थे। लोक गायक गीत गा रहे थे, “तुम्हारा मजहब तुम्हारे साथ रहे, हमारा मजाब हमारे साथ रहे”, और पीछे खड़े लोग इस गीत को दोहरा रहे थे। उनके हाथों में महक की तस्वीरों वाली तख्तियां थीं। अखिल पाकिस्तान हिंदू पंचायत के महासचिव रवि दवानी ने बताया है कि इस न्याय मार्च का नेतृत्व जेएसएम के अध्यक्ष रियाज़ खान चंदियो ने किया।

रियाज़ खान चंदियो ने बताया कि महक को सोमवार को अदालत में पेश किया जाना था, लेकिन बीमार न्यायाधीश छुट्टी पर थे। इसलिए सुनवाई की अगली तारीख 6 फरवरी तय की गई है। बता दें कि 25 साल की महक कुमारी की कथित तौर पर परिवर्तित कर उसकी शादी 28 साल के मुस्लिम युवक अली रजा माझी से कर दी गई थी। अली रजा अपने पिता के साथ मेहक के पिता विजय कुमार के साइट पर काम करता था जहां उसे प्रतिदिन 300 रुपये मिलते थे।

रवि दवानी ने बताया कि महक फिलहाल लाडकाना में दार-उल-एमान में रह रही थी। कहा गया था कि मेडिकल टीम ने महक की ऑसिफिकेशन टेस्ट रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी। उन्होंने आगे कहा, “रिपोर्ट के अनुसार, वह 15 साल 8 महीने की है। वह एक नाबालिग लड़की है जो अपने दम पर शादी करने का फैसला नहीं ले सकती है।”
साल 2014 में सिंध विधानसभा ने सिंध बाल विवाह निरोधक कानून बनाया था जिसके अनुसार, कोई भी लड़का या लड़की केवल 18 साल के होने पर ही शादी कर सकते हैं। कानून में ये भी प्रावधान है कि अगर किसी लड़के की बाल विवाह होती है तो तीन साल तक कैद हो सकती है।