दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बीच डीएनडी यानी कि दिल्ली- नोएडा – दिल्ली हाईवे। यह हाईवे अक्सर धरने – प्रदर्शन का प्रतीक बनता है। पिछले दिनों जब हाथरस गैंगरेप कांड में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी यहां से गुजरे तो हजारों लोगों का कारवां उनके साथ निकल पड़ा। ऐसा ही आज हुआ। लेकिन आज के डीएनडी धरना – प्रदर्शन में अनोखी बात यह देखने को मिली कि यहां हजारों युवाओं की भीड़ पहुंची। जिनके पहुंचने से ढाई किलोमीटर का जाम लग गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस भीड में कोई बडा नेता था और ना ही कोई एक विशेष राजनीतिक दल था जो इस धरने प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहा था।
आज देखते ही देखते युवाओं की बहुत ज्यादा भीड़ डीएनडी पर एकत्र हो गई। हालात यह हो गए कि ढाई किलोमीटर तक का जाम लग गया और दिल्ली यूपी में प्रवेश करने वाले वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई । कई घंटों तक डीएनडी पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा रहा । इस दौरान यूपी पुलिस का कोई भी बड़ा अधिकारी प्रदर्शनकारियों के पास पहुंच नहीं पहुंचा । वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस भी उन्मादी भीड़ से दूरी बनाए रही। भीड़ में मौजूद सभी युवा दिल्ली के कारोबारी अमन बैंसला की मौत पर न्याय मांग रहे थे।

दो माह पहले अमन बैंसला ने अपनी एक बिजनेस पार्टनर नेहा जिंदल और हरियाणा के सिंगर सुमित गोस्वामी की प्रताड़ना से तंग आकर मौत को गले लगा लिया था । तब से ही गुर्जर समाज के युवा अमन बैंसला को न्याय दिलाने के लिए सोशल मीडिया पर सक्रिय थे। हालांकि आज इस मामले में दिल्ली के बदरपुर विधायक रामवीर सिंह बिधूड़ी और दिल्ली पुलिस के सीनियर ऑफिसरो ने आश्वासन दिया है कि एक सप्ताह के अंदर अमन बैसला के आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
डीएनडी पर चारों तरफ भीड़ ही भीड़ थी और यह भीड़ भी उन युवाओं की जो सोशल मीडिया के जरिए यहां इकट्ठे हुए थे। सभी दिल्ली के कारोबारी युवा अमन बैसला के लिए न्याय की मांग कर रहे थे । अमन बैसला 29 सितंबर को अपने घर से निकले थे। लेकिन वह ऑफिस से वापिस घर नहीं पहुंच पाए तो परिवार वाले ने उनके ऑफिस जाकर देखा। जहां वह अपने केबिन में लटके मिले थे। अमन को अस्पताल ले जाया गया । लेकिन इससे पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी ।

अमन युवा था। महज 19 साल की उम्र में ही उसने होटल और रेस्टोरेंट में टॉयलेट यानी प्रसाधन के सामान का अच्छा बिजनेस शुरू कर दिया था। बदकिस्मती से उसकी एक नेहा जिंदल नामक युवती से दोस्ती हो गई। जो बाद में उसकी बिजनेस पार्टनर बन गयी।
अमन बैंसला ने सुसाइड करने से पहले एक 33 मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया। जिसमें उसने अपनी बिजनेस पार्टनर नेहा जिंदल और हरियाणा के सिंगर सुमित गोस्वामी पर गंभीर आरोप लगाए और अपने कारोबार में नुकसान के लिए दोनों को जिम्मेदार ठहराते हुए आत्महत्या कर ली । इसके बाद सोशल मीडिया पर 29 सितंबर से ही यह वीडियो वायरल हो रहे थे। इन वीडियो ने युवाओं खासकर गुर्जर समाज में अमन बैंसला को न्याय दिलाने की मुहिम शुरू करने में अहम भूमिका निभाई।

सोशल मीडिया खासकर ट्विटर पर ” #जस्टिस फोर अमन बैसला ” हैसटैग चलाए गए। इसी के साथ ही आज दिल्ली और यूपी के हजारों युवा डीएनडी पर पहुंचे। सुबह 10 बजे से ही युवाओं का डीएनडी पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। जो करीब 2 बजे तक जारी रहा। इस दौरान ढाई किलोमीटर लंबा जाम लग गया और खासी भीड़ जमा हो गई । इस दौरान देखने वाली बात यह मिली कि किसी राजनीतिक दल का कोई बड़ा नेता यहां भाषण देने नहीं आया। सिर्फ युवाओं ने अपना जोश दिखाया और एक नारा लगाया “वी जस्टिस फोर अमन फैसला” यानी कि हमें अमन बैसला के लिए न्याय चाहिए।
इस दौरान दिल्ली में भाजपा के विधायक रामवीर सिंह बिधूड़ी प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचे। साथ ही साउथ दिल्ली पुलिस के डीएसपी भी वहां पहुंचे । भाजपा विधायक बिधूड़ी ने दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों के आश्वासन के बाद सभी आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि एक सप्ताह में अमन बैंसला के आरोपियों को गिरफ्तार करा देंगे।

