नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने एक बार फिर से पाला बदल लिया है। प्रचंड की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी सेंटर) ने नेपाली कांग्रेस से गठबंधन तोड़ नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के साथ गठबंधन बना लिया है। प्रचंड के इस फैसले से नेपाली संसद में सबसे ज्यादा 88 सीटें जीतने वाली नेपाली कांग्रेस पार्टी विपक्ष में हो गई है। प्रचंड और ओली की पार्टी के बीच बने गठबंट्टान में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) और जनता समाजवादी पार्टी भी शामिल हैं। प्रचंड ने अपने सभी मंत्रियों को हटा दिया था और अपनी पार्टी, ओली की पार्टी के अलावा आरएसपी से एक-एक नए मंत्रियों को शामिल किया था। प्रचंड ने बाकी के सभी 25 मंत्रालय अपने पास रखे हैं। नेपाल में 2022 के आम चुनाव में नेपाली कांग्रेस और प्रचंड की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी सेंटर) के बीच गठबंधन था। लेकिन चुनाव बाद प्रचंड ने ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) से गठबंधन कर लिया था।
नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड ने फिर बदला पाला, भारत पर क्या होगा इसका असर

