कभी कांग्रेस की तेज-तर्रार नेता रही ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी तृणमूल का गठन कर पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को पूरी तरह हाशिए में लाने का काम किया था। तीन दशक तक बंगाल में सत्तारूढ़ वामपंथ से पावर छीनने वाली ममता को अपने दूसरे कार्यकाल में भाजपा से कड़ी टक्कर मिल रही है। पिछले एक दशक के दौरान कांग्रेस को पानी पी-पी कर कोसने वाली ममता बनर्जी को अब लेकिन एहसास हो चला है कि भाजपा के राज्य में बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए कांग्रेस से हाथ मिलाने में ही भलाई है। यही कारण है कि दीदी के सुर अब बदलने लगे हैं। जानकारों की मानें तो बनर्जी इनदिनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मिल रही हैं। उन्होंने कांग्रेस आलाकमान के पास संदेशा भिजवाया है कि अगले विधानसभा चुनाव में यदि भाजपा को राज्य में सत्ता में आने से रोकना है तो दोनों दलों को मिलकर काम करना होगा। कांग्रेस आलाकमान ने ममता के संदेश का अभी तक जवाब नहीं दिया है।

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