चाय की दुकान, बड़े होटल से लेकर स्टेशनरी की दुकानों तक हर जगह यूपीआई (UPI ) का लेन-देन हो रहा है। कहीं कुछ भी खरीदें? ग्राहक दुकानदार से स्कैनर कोड मांगता है। विभिन्न UPI कंपनियों ने तो दुकानदारों के कोड के लिए कूल कार्ड बनाए हैं। दुकानदार इसे फॉरवर्ड कर देता है और भुगतान तुरंत हो जाता है। कुछ दुकानों ने अब ऐसी मशीनें भी शुरू कर दी हैं जो बताती हैं कि यूपीआई के माध्यम से भुगतान करने के बाद कितने पैसे का भुगतान किया गया है। इसलिए दुकानदार को हर बार एसएमएस चेक करने की जरूरत नहीं है। जब यूपीआई इतना व्यापक हो गया है, तो उसमें वित्तीय धोखाधड़ी भी तेजी से बढ़ने लगी है।
ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार मनी ट्रांसफर के पहले लेनदेन को पूरा करने के लिए न्यूनतम समय बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसके मुताबिक अधिकारियों ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया कि दो हजार रुपये से अधिक के पहले ऑनलाइन UPI लेनदेन को पूरा करने के लिए चार घंटे की अवधि तय करने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
हालांकि इस प्रक्रिया से ऑनलाइन UPI मनी ट्रांसफर लेनदेन में कुछ हद तक कमी आने की संभावना है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि साइबर असुरक्षा के जोखिम को कम करने के लिए यह आवश्यक है। अगर सरकार ऐसा कोई फैसला लेती है तो यह सभी सेवाओं ‘आईएमपीएस’, ‘आरटीजीएस’ और ‘UPI’ पर लागू होगा। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्ताव दो व्यक्तियों के बीच पहले लेनदेन में देरी या सीमित करने के लिए नहीं बनाया गया है, बल्कि दो उपयोगकर्ताओं के बीच हर पहले लेनदेन को विनियमित करने के लिए बनाया गया है। अधिकारियों ने कहा, लेकिन अगर आप पहली बार किसी को पैसे ट्रांसफर करते हैं, तो आपके पास इसे वापस करने या इसे बदलने के लिए चार घंटे का समय होगा।
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आज बैंकों , टेक्नोलॉजी कंपनियों से चर्चा
सरकार 2,000 रुपये से अधिक के पहले डिजिटल (UPI) लेनदेन को पूरा करने के लिए चार घंटे की समय सीमा तय करने पर विचार कर रही है। इस संबंध में आज, मंगलवार को रिजर्व बैंक, विभिन्न सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों, गूगल और रेजरपे जैसी प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ चर्चा की जाएगी।

