पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम अपने सबसे बड़े राजनीतिक संकट का सामना कर रहे हैं। जो सीबीआई कभी उनके आदेशों की मोहताज होती थी वही आज उनके दरवाजे पर खड़ी है और खुद चिदंबरम गिरफ्तारी से बचने की कोशिश में अदालत की चौखट पर खडे हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने कांग्रेस दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। उन्होंने कहा, ‘
‘मैं कानून से भागा नहीं हूं। मैं न्याय के लिए कोशिश कर रहा था। मैं अपना सिर ऊंचा करके रहूंगा। जीवन और आजादी में बेहिचक आजादी चुनूंगा और आजादी के लिए लड़ना पड़ता है।”
आईएनएक्स मीडिया केस में आरोपी पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम 27 घंटे बाद देश के सामने आए। उन्होंने कांग्रेस दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि वो 24 घंटे कहां थे। चिदंबरम प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये बताते रहे कि उनको पूरे मामले में फंसाया गया।चिदंबरम ने बताया कि वो बुधवार रात से दस्तावेज तैयार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटे में बहुत भ्रम फैलाया गया। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि मामले में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल नहीं की है।
मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ कोई चार्जशीट नहीं है। मुझे और मेरे बेटे कार्ति को फंसाया गया है। किसी भी एफआईआर में मेरा नाम नहीं है।
आईएनएक्स मीडिया केस में पी. चिदंबरम ने अग्रिम जमानत की अर्जी सुप्रीम कोर्ट में दे दी है। पहले जस्टिस रमन्ना की बेंच को सुनवाई करनी थी, लेकिन उन्होंने केस चीफ जस्टिस की बेंच को सौंप दिया। अब इस मामले की आज ही सुनवाई हो सकती है।लेकिन चिदंबरम पर शिकंजा कस गया है।
चिदंबरम की विदेश यात्राएं अटक गई हैं। उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हो गया है।
कांग्रेस और वकीलों का कहना है कि ऐसा कुछ चिदंबरम ने नहीं किया कि वो भागें। वो कानून का पालन कर रहे हैं। लेकिन पी.चिदंबरम के खिलाफ जांच एजेंसियों को ताजा साक्ष्य मिले हैं इससे उनकी मुश्किल और बढ़ सकती है

