भारत सरकार के जम्मू -कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद से बौखलाए पकिस्तान को चारों तरह से मिल रही निराशा के बीच पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पीओके में पाकिस्तान की सरकार के खिलाफ विरोध बढ़ता ही जा रहा है। पीओके में आये दिन विरोध प्रदर्शन होते रहते हैं ऐसे में एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन कल 22 अक्टूबर को किया गया था। लेकिन इस दौरान पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। जिसमे दो लोगों की जान चली गई। जबकि 80 से ज्यादा लोग घायल हो गए। पाकिस्तान के हुक्मरानों से परेशान यहां लोग ऑल इंडिपेंडेंट पार्टीज अलायंस (एआईपीए) के बैनर तले जनसभा कर रहे थे। इसी दौरान वहां प्रदर्शन शुरू हो गया, इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठियां बरसाईं।
कश्मीर मुद्दे पर बौखलाया पकिस्तान
पुलिस के लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने के बाद रैली स्थल पर भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे । एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि उन्होंने काला दिवस मनाने के लिए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। प्रशासन भले ही आक्रामकता दिखाए लेकिन हम अपनी आवाज उठाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। 22 अक्तूबर को पिछले साल भी इसी तरह का प्रदर्शन मुजफ्फराबाद, रावलकोट, गिलगित, रावर्लंपडी और अन्य जगहों पर देखने को मिला था।
दरअसल मुजफ्फराबाद में काला दिवस मनाया गया ,पाकिस्तान की सेना ने 22 अक्तूबर 1947 के दिन ही जम्मू-कश्मीर में अवैध तरीके से घुसपैठ की थी और पीओके पर कब्जा कर लिया था। तभी से हर साल 22 अक्तूबर को पीओके के लोग काला दिवस के रूप में मनाते हैं।

