देश में लागू किये गए ट्रेफिक नियमों को तोड़ने पर सरकार द्वारा कई प्रकार के दंड निर्धारित किये गए हैं। जिसके आधार पर यदि कोई व्यक्ति दो पहिया बाइक पर बिना हेलमेट के सफर करते पकड़ा गया तो उसपर जुर्माना लगाया जायेगा। लेकिन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की ट्रेफिक पुलिस ने एक नई शुरुआत की है। जिसके अनुसार अगर कोई भी व्यक्ति बिना हेलमेट के वाहन चलाता हुआ पकड़ा गया तो ट्रेफिक पोलिस जुर्माना भरने के अलावा भी उसे एक विकल्प दे रही है ट्रफिक पुलिस का कहना है हेलमेट न पहनने पर पकडे जाने पर या तो व्यक्ति को जुर्माना भरना होगा या सार्वजनिक स्थान से प्लास्टिक का कूड़ा उठाना होगा। छत्तीसगढ़ पुलिस ने यह फैसला प्लास्टिक मुक्त भारत के अभियान सहयोग देने के लिए लिया है।
छत्तीसगढ़ के जिले दुर्ग, के एक एसपी का कहना है कि हमने मोटर चलाने वाले लोगों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक करने के लिए यह फैसला लिया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों को या तो जुर्माना देना पड़ेगा या कूड़ा उठाना होगा। एसपी का कहना है कि इस नई शुरुआत से दुर्ग और उसके आस पास के क्षेत्रों को प्लास्टिक मुक्त बनाने में भी सहायता मिलेंगे।
क्या है नियम
इस प्रकार के नियमों को तोड़ने के लिए मोटर वाहन अधिनियम के इस नियम के तहत सड़क पर दोपहिया वाहन चलाने के लिए हेलमेट का इस्तेमाल अनिवार्य है और इस नियम के पालन न करने पर भारी चालान भरना पड़ता है। कई बार लोग इस ग़लतफहमी में रहते हैं कि हेलमेटका स्ट्रिप लॉक करना इतना जरुरी नहीं है लेकिन हेलमेट पहनने के बाद अगर उसके स्ट्रिप को लॉक नहीं किया गया है तो भी उनका 2000 रुपये का चालान काटा जा सकता है।
हेलमेट न पहनने पर क्यों है जुर्माना
इस नियम का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना में व्यक्ति के जान को हानि पहुँचने से बचाना है। मोटर वाहन अधिनियम, 194 डी के मुताबिक बाइक चलाने के दौरान हेलमेट न पहनने पर और बिना बीआईएस मार्क के हेलमेट के इस्तेमाल करने पर भी 1000 रुपये का चालान काटा जा सकता है, वहीं बिना स्ट्रिप लॉक किए हुए हेलमेट पहनने पर 2000 रुपये तक का चालान काटा जा सकता है।

