भारत जोड़ो न्याय यात्रा कर रहे कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को झारखंड उच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। साल 2018 में अमित शाह के खिलाफ टिप्पणी मामले में झारखंड उच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए राहुल गांधी की याचिका को ख़ारिज कर दिया । इसके बाद अब इस मामले में राहुल के खिलाफ निचली कोर्ट में ट्रायल चलेगा। राहुल गांधी ने एमपी एमएलए न्यायालय द्वारा भेजे गए समन के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी जिसे उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है ।
दरअसल मामला यह है कि राहुल ने साल 2018 में बेंगलुरु में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजिनक टिप्पणी की थी। कर्नाटक चुनाव के दौरान राहुल ने कहा था कि जो पार्टी ईमानदारी की बात कर रही है, उसका अध्यक्ष हत्या का आरोपी है। इस आपत्तिजिनक टिप्पणी को लेकर भाजपा के जिला उपाध्यक्ष विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया गया था।
राहुल गांधी ने ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही को रद्द करने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। 16 फरवरी को राहुल गांधी का लिखित पक्ष कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद जस्टिस अंबुज नाथ की पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। 20 फरवरी को राहुल गांधी ने अमित शाह के खिलाफ टिप्पणी मामले में ही उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर एमपी -एमएलए कोर्ट में पेश हुए थे। जहां उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई थी। उन्हें 25 हजार रुपए की सिक्योरिटी और 25 हजार के बेल बॉन्ड पर जमानत दी गई थी। कांग्रेस नेता ने कोर्ट में कहा था कि वो इस मामले में निर्दोष हैं। गौरतलब है कि इससे पहले मोदी सरनेम पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में ही सूरत की अदालत ने राहुल गांधी को सजा सुनाई थी।

