भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज 21 फरवरी से होने वाली है। इस मैच में न्यूजीलैंड के सीनियर खिलाड़ी रॉस टेलर अपने करियर का 100वां मैच खेलने वाले हैं। इसी के साथ वे क्रिकेट के लिए सभी फॉर्मेट में 100 मैच खेलने का विश्व रिकॉर्ड भी बनाने वाले हैं। उनसे अधिक टेस्ट न्यूजीलैंड के लिए सिर्फ स्टीफन फ्लेमिंग, ब्रेंडन मैक्कुलम और डेनियल वेटोरी ने खेले हैं।
उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि किसी का करियर परफेक्ट नहीं होता है। कई बार आप नाकाम रहते हैं। गलतियां और हालात आपको परिपक्व बनाते हैं। टेलर ने कहा, “मुझे लगता है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मेरी पहली सीरीज के बाद मुझे नहीं लगा था कि मैं फिर कभी टेस्ट क्रिकेट सकूंगा। समय ने मेरा साथ दिया 2005 में टी20 क्रिकेट आया और मैंने 2006 में डेब्यू किया। इसलिए शायद सही समय की वजह से मैं यहां पहुंच सका हूँ। 100 टेस्ट, वनडे और टी-20 खेलने वाला पहला खिलाड़ी बनना अच्छा है। उम्मीद है कि समय के साथ दुनियाभर के और भी खिलाड़ी ऐसा कर पाएंगे।”
टेलर ने कहा कि शायद अब बूढ़ा हो गया हूं। लेकिन मैं अपनी उपलब्धियों से खुश हूं। टेलर ने आगे कहा, “एक बल्लेबाज के तौर टेस्ट क्रिकेट और क्रिकेट में मैने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। वेलिंग्टन की मेरे दिल में खास जगह है। मैं अपने करियर के आखिर में इन सुनहरी यादों को सहेजकर रखूंगा।
टेलर ने कहा, “मैं अपने पूरे करियर में इतना भाग्यशाली रहा कि तीसरे ही टेस्ट में शतक बना सका। और फिर वनडे करियर में भी मैं तीसरे मैच में शतक बनाने में कामयाब हुआ। करियर में शुरुआत में ये कीर्तिमान हासिल कर पाने से निश्चित तौर पर काफी मदद मिली और मुझे ये भरोसा हुआ कि मैं यहां रहने के काबिल हूं और मैं इस स्तर पर खेलने की काबिलियत रखता हूं।”
टेलर ने अपनी उपलब्धियों का श्रेय अपनी पत्नी विक्टोरिया को देते हुए कहा,”मेरी पत्नी विक्टोरिया के लिए तीन बच्चों को अकेले पालना आसान नहीं था। हम इतना समय खेलते हैं, लेकिन जब घर पर होते हैं तो मैं उनका पिता होता हूं। मेरे बच्चे इतने बड़े हो गए हैं कि समझते हैं कि उनके पिता क्या करते हैं।”