चीन और अन्य देशों में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी हैं। सरकार द्वारा कोरोना के बीएफ.7 वेरियंट के खतरे से बचाव के लिए कुछ फैसले लिए जा रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस संबंध में एक बड़ा फैसला लिया है। एक जनवरी 2023 से अब चीन, हांगकांग, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और थाईलैंड से आने वाले यात्रियों के लिए RT-PCR जांच अनिवार्य कर दी गई है।
1 जनवरी 2023 से चीन, हांगकांग, जापान, साउथ कोरिया, सिंगापुर और थाईलैंड से आने वाले यात्रियों के लिए RTPCR टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। यात्रा से पहले उन्हें अपनी रिपोर्ट एयर सुविधा पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) December 29, 2022
इन छह देशों से भारत आने वाले यात्रियों को अब यात्रा शुरू करने से पहले जांच रिपोर्ट एयर सुविधा पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इन छह देशों से आने वाले यात्रियों को अब एक जनवरी से नेगेटिव RT-PCR रिपोर्ट देनी होगी। चीन और पूर्वी एशियाई देशों में कोरोना मरीजों के बढ़ने के बाद एहतियातन यह कदम उठाया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार ने यह फैसला इस आशंका के मद्देनजर लिया है कि भारत में कोरोना वायरस का प्रसार जनवरी के महीने में हो सकता है। पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर कुछ यात्रियों की कोरोना वायरस की जांच की जा रही थी। 28 दिसंबर, बुधवार को कराए गए छह हजार कोरोना टेस्ट में से 39 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि नए मरीजों के साथ देश में अब कुल मरीजों की संख्या 3 हजार 552 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी कहा है कि देश में कोरोना संक्रमण की दर 0.11 फीसदी है।

