world

सऊदी अरब ने सजा ए मौत को लेकर तोडा अपना रिकॉर्ड

सऊदी अरब में विदेशी लोगों के लिए न्याय मिलना मुश्किल होता जा रहा है। इस साल सऊदी अरब ने सबसे ज्यादा विदेशी नागरिकों को मौत की सजा दी है। सजा ए मौत के बढ़ते आकड़ों को लेकर अंतरष्ट्रीय संगठन द्वारा भी चिंता व्यक्त की गई है।

 

सऊदी अरब में पिछले साल से भी ज्यादा इस साल फांसी की सजा सुनाई गई है। इस मुल्क ने इस साल अपना रिकॉर्ड तोड़ते हुए 214 लोगों को फांसी की सजा सुनाई है। जिनमें से 101 विदेशी नागरिक है। पिछले साल के आकड़े को देखे तो ये आकड़े तीन गुना ज्यादा है। विदेशी नागरिकों को सुनाए जाने वाली मौत की सजा में सबसे ज्यादा पाकिस्तानी लोग है। पकिस्तान के 21 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई हैं। वहीं यमन के 20, सीरिया के 14 ,नाइजीरिया के 10 , मिस्र के 9 ,जॉर्डन के 8 लोगों को सजा दी गई है। इसके अतिरिक्त इथियोपिया के 7 सूडान ,भारत और अफगानिस्तान के 3 ,श्रीलंका, इरीट्रिया और फिलीपींस के 1 नगारिक को यह सजा दी गई है।

 

अब एक सवाल यह भी उठता है कि आखिर इन लोगों को किन किन आरोपों के तहत मौत का फरमान सुनाया गया। खबरों के अनुसार हत्या ,बलात्कार ,राजद्रोह ,ड्रग्स तस्करी जैसे मामलों को लेकर सजा-ए-मौत दी गई है । इनमें भी सबसे ज्यादा ड्रग्स मामलों को लेकर 59 लोगों को फांसी दी गई है। जिनमे से 49 तो विदेशी नागरिक है। दावा किया जा रहा है कि किंग सुल्तान द्वारा अपने बेटे मोहम्मद बिन सलमान को सत्ता सौंपने के बाद से देश में मृत्युदंड की सजा लगभग दोगुनी हुई है।

 

गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक विदेशी कैदियों को फांसी देने के मामले में सऊदी अरब दुनिया भर में तीसरे नंबर पर है। पिछले साल ईरान और चीन में सबसे ज्यादा कैदियों को फांसी दी गई थी। वहीं यूरोपियन-सऊदी ऑर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ने भी सऊदी में फांसी देने को लेकर बढ़ते आकड़ों को लेकर चिंता जाहिर की है। संगठन के कानूनी निदेशक ताहा अल-हज्जी का कहना है कि ऐसा पहली बार है जब सऊदी अरब ने एक ही साल में इतनी बड़ी संख्या में विदेशियों को फांसी दे दी हो। ईएसओएचआर के अनुसार इस मुल्क में विदेशी कैदियों को न्याय मिलने में बहुत सी दिक्क्तों का सामना करना पड़ता है।

 

यह भी पढ़ें : ट्रंप की जीत से यूक्रेन पर छाए चिंता के बादल

 

You may also like

MERA DDDD DDD DD