सऊदी अरब सरकार ने हज रद्द नहीं करने का एलान किया है। सऊदी सरकार ने कहा है कि इस साल हज को रद्द नहीं किया जाएगा पर कोविड-19 महामारी को को देखते हुए सीमित संख्या में ही हज यात्रियों को इसमें शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। सऊदी अरब हुकूमत ने मंगलवार को कहा कि वह विभिन्न देशों के केवल उन्हीं लोगों को हज में शामिल होने की अनुमति देगा जो पहले से ही मुल्क में रह रहे हैं। हालांकि, सरकार ने यह नहीं बताया है कि कितने लोगों को शामिल होने दिया जाएगा। वार्षिक हज यात्रा इस साल जुलाई के अंत में शुरू होगी।
Breaking News: Saudi Arabia says it will drastically limit the number of pilgrims to this year’s Hajj to prevent the spread of the coronavirus. Only Saudi pilgrims and those already inside the kingdom will be allowed, state-run media said.https://t.co/1FavtdGz9R pic.twitter.com/9Igvs2PUvR
— The New York Times (@nytimes) June 22, 2020
आधिकारिक बयान में कहा गया है कि लोगों में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए तमाम सुरक्षात्मक उपाय भी अपनाए जाएंगे। सऊदी अरब के मक्का में हज के लिए आमतौर पर दुनियाभर से 20 लाख के करीब मुस्लिम जुटते हैं। पर इस बार कोरोना महामारी को देखते हुए श्रद्धालुओं की संख्या बहुत कम रहेगी। बता दें कि सऊदी अरब ने अपनी स्थापना के बाद से लगभग 90 वर्षों में कभी भी हज को रद्द नहीं किया है। इस्लाम धर्म के पांच बुनियादी स्तंभ हैं जिसमें हज भी शामिल है। हर मुस्लिम अपने जीवन में कम से एक बार अवश्य हज करने की इच्छा रखता है।
सऊदी अरब के इस बार फैसले से स्पष्ट है कि दूसरे देशों से मुसलमान हज करने के लिए सऊदी अरब नहीं जा पाएंगे। वैसे भी कोरोना संकट के चलते इस साल हज यात्रा के स्थगित होने के कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन अब यह सीमित संख्या में होगी। दुनिया भर में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए सऊदी अरब ने फरवरी महीने में मक्का में आने वाले ‘उमरा’ यात्रा पर रोक लगा दी थी। यह फैसला पवित्र शहर मक्का और मदीना में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए उठाया गया था। हालांकि यह यात्रा पूरे साल की जा सकती है।
वहीं पाबंदियों से बाहर आए मक्का शहर की लगभग 1,560 मस्जिदों को खास सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस्लामिक मामलों के मंत्रालय की शाखा ने अपने आदेश में कहा है कि मस्जिदों नमाज अदा करने के लिए लोगों को अपनी चटाई लानी होगी और नमाज के दौरान शारीरिक दूरी का पालन करना होगा। पवित्र शहर में लोगों को भी स्वास्थ्य संबंधी सख्त सावधानियों के अनुपालन के निर्देश जारी किए गए हैं। शहर से पाबंदियां हटाए जाने को लेकर मंत्रालय ने सभी मस्जिदों में साफ सफाई की जिम्मेदारी एजेंसियों को सौंपी थी। कोरोना संकट के चलते शहर में पिछले तीन महीने से सख्त पाबंदियां लागू थीं।

