“हमारा प्लान था कि 26 जनवरी को हम पहली लाइन पर गोली चलाएंगे। इसके बाद दिल्ली पुलिस किसानों को रोकने की कोशिश करेगी। अगर वो नहीं रुकते तो इन पर गोली चलाने का ऑर्डर है। पीछे से हमारी टीम, जिसमें हरियाणा के 8-10 लड़के हैं, वो शूट करेगी। पुलिस को ये लगेगा कि गोलियां किसानों ने चलाई हैं। ट्रैक्टर रैली में गैंग के आधे लोग पुलिस की वर्दी में होंगे, जो किसानों को तितर-बितर करेंगे। इसके बाद मंच पर जो 4 लोग (किसान नेता) होंगे, उन्हें शूट करने का प्लान है।
4 लोगों की फोटो हमें दे दी गई हैं। जिसने हमें ये काम सौंपा, उसका नाम प्रदीप सिंह है, वो थाना प्रभारी है। हमने उसे कभी थाने के आगे नहीं देखा। जब भी हमसे मिलने आता था, चेहरा कवर करके आता था। हमने उसका बैज देखा है। जिन लोगों को मारना था, उनका नाम हमें नहीं पता, उनकी फोटो हमारे पास थी।’ यह कहना है उस युवक का जिसे किसान आंदोलन की सुरक्षा समिति ने देर रात सिंघु बॉर्डर से पकड़ा है। किसान नेता इसे मीडिया के सामने लेकर आए, जहां उसने कहा कि उसे 26 जनवरी को होने वाले ट्रैक्टर मार्च के दिन 4 किसान नेताओं को गोली मारने के निर्देश दिए गए थे।

हम पैसों के लिए काम कर रहे थे। अभी कुछ और लोग हैं जो इस योजना में शामिल थे और जिन्हें पकड़ना बाकी है। मैं यह निवेदन करूंगा कि हमारे परिवारवालों को इसकी खबर न हो। हमें माहौल खराब करने के लिए 10-10 हजार रुपये दिए गए थे। यहां माहौल खराब करने आए बाकी लोगों की पहचान भी बता दी है। उन्होंने बूट, पगड़ी और जीन्स पहनी होगी। जो लोग 26 जनवरी को यहां बर्बादी मचाने आएंगे उन्होंने पुलिस की वर्दी पहनी होगी। “
पकड़े गए व्यक्ति ने कहा कि उसे ये निर्देश हरियाणा पुलिस के एक अफसर प्रदीप ने दिए थे। हालांकि, इस दावे पर अभी तक सरकार या हरियाणा पुलिस का कोई बयान नहीं आया है। इस व्यक्ति को मीडिया के सामने पेश करने के बाद सुबह पुलिस के हवाले कर दिया गया है। उधर , दूसरी तरफ आज दोपहर के बाद अचानक एक वीडियो वायरल हुआ है जो सोशल मिडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में युवक ने अपना नाम योगेश सिंह निवासी सोनीपत बताया है। साथ ही युवक ने किसानों पर प्रताड़ित कर झूठ बुलवाने का आरोप लगाया है। उसने कहा है कि वह अपनी जान बचाने के लिए किसानों के द्वारा दी गई एक स्क्रिप्ट पढ़ रहा था। हालांकि, पुलिस ने अभी इस वायरल वीडियो के बारे में कुछ नहीं बताया है।

