तनुश्री से शुरू हुआ ‘मी टू’ कैंपेन अब देश भर में फैल गया है। विभिन्न क्षेत्रों की लड़कियां अपनी आपबीती लेकर सामने आ रही हैं। बॉलीवुड में तो इस अभियान ने सुनामी का रूप ले लिया है। कई बड़े सितारों (अभिनेता, निर्माता, निर्देशक, लेखक आदि) पर ‘मी टू’ की लपटें पहुंच गई हैं। कई बड़े सितारे सामने आ रही लड़कियों की हिम्मत की तारीफ कर रही हैं। कुछ इन पर सवाल भी उठा रहे हैं। इनमें अधिकतर का सवाल यही है कि इतने वर्षों से चुप क्यों थीं।

सवाल उठाने वाले को भी पता है कि अभिनेत्रियां या महिला कलाकार शोषण को क्यों खामोश सहती रहती हैं। फिल्म इंडस्ट्री में एक कहावत बहुत चर्चित है। ‘पानी में रहकर मगरमच्छ से बैर नहीं करते।’ यह पंक्ति फिल्म इंडस्ट्री के लिए काफी फिट है। शोषण तो छोड़ दीजिए यदि किसी कलाकार ने बड़े स्टार पर सवाल तक उठा दिए तो बॉलीवुड से उनका बारिया-बिस्तर बंधना तय मानकर चलिए। यदि विश्वास नहीं हो तो आगे कुछ उदाहरण देख लीजिए। शायद यही कारण है कि बॉलीवुड में कलाकार एक-दूसरे पर हमला नहीं करते। यहां हर कलाकार एक-दूसरे की प्रशंसा करता। जिसने भी इस पंरपरा को तोड़ा, उसके करियर में ग्रहण-सा लग गया।

कंगना रनौत ने मशहूर फिल्मकार करन जौहर पर भाई-भतीजावाद का आरोप लगाया। तब उस पर बहस लंबी खींच गई और इस मामले में कंगना अलग-थलग सी पड़ती हुई नजर आने लगीं। पिछले साल कंगना की फिल्म ‘सिमरन’ आई थी, लेकिन परदे पर बहुत दिनों तक टिक नहीं पाई। इस विवाद के कारण कंगना के भविष्य को लेकर बातें होने लगी। फिलहाल कंगना के पास ‘मणिकर्णिका’ फिल्म है। हालांकि लोगों की आशंका अब भी बनी हुई है कि अगर यह फिल्म सफल हो भी गई तो क्या कंगना से जुड़े विवाद खत्म हो जाएंगे। ऐसे कंगना अपनी अभिनय क्षमता के कारण किसी तरह बॉलीवुड में टिकी हुई हैं। पर सिर्फ टिकी हुई हैं। जबकि उनके अभिनय को देखें तो आज कंगना को सुपर स्टार होना चाहिए। हालांकि फिल्म इंडस्ट्री में जहां लोग बड़े दिग्गजों के बारे में बुरा कहने से कतराते हैं, वहीं कंगना जैसे भी कुछ लोग भी हैं जो गलती से ही सही हिम्मत कर देते हैं। उन सभी को अपनी गलती का खामियाजा करियर में चुकाना पड़ा। अधिकतर के फिल्मी करियर पर उसका बुरा प्रभाव पड़ा।

कंगना के बाद सबसे अच्छा उदाहरण विवेक ओबेरॉय का है। साल 2002 में विवेक ओबेरॉय ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘कंपनी’ से की। उसी साल उनकी यश चोपड़ा के बैनर तले बनी फिल्म ‘साथिया’ भी रिलीज हुई। विवेक को फिल्म इंडस्ट्री के आने वाले दौर का चमकता सितारा माना जाने लगा। लेकिन डेब्यू के अगले साल 2003 में विवेक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सलमान द्वारा 41 बार फोन कॉल करने की बात कही। जिसमें उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी। ये प्रेस कॉन्फ्रेंस उनके करियर के लिए बहुत ही महंगी साबित हुई। फराह खान के टीवी शो में विवेक ने माना कि उस प्रेस कांफ्रेंस का असर उनके करियर पर पड़ा। फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने विवेक से दूरी बना ली।

90 के दशक की बोल्ड अभिनेत्री मानी जाने वाली ममता कुलकर्णी ने फिल्म ‘चाइना गेट’ के निर्देशक राजकुमार संतोषी पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। कथित तौर पर इस फिल्म में ममता का रोल था और उसमें उन्हें ‘छम्मा-छम्मा…’ गाना भी करना था, पर निर्देशक राजकुमार संतोषी के साथ कुछ अनबन हो गई और ममता को फिल्म से निकल दिया गया।

कहा जाता है कि इसके बाद अंडरवर्ल्ड के दबाव के चलते ममता को फिल्म में दोबारा लिया गया। फिल्म रिलीज हुई और फ्लॉप हो गई। फिल्म रिलीज के बाद ममता ने निर्देशक राजकुमार संतोषी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया, जिसके बाद फिल्म इंडस्ट्री ने उनसे दूरी बनाई और उन्हें काम मिलना बंद हो गया। फिल्म क्रिटिक अजय ब्रह्मात्मज का कहते हैं, ‘जिसका स्टारडम फिल्म इंडस्ट्री में कमजोर होता है उसका नुकसान होता है। जैसे सलमान खान का बहुत बड़ा स्टारडम है, वहीं विवेक ओबेरॉय का कमजोर था, इसलिए उन्हें नुकसान झेलना पड़ा। साल 2001 में निर्देशक अब्बास मस्तान की फिल्म ‘अजनबी’ आई। जिसमें अक्षय कुमार, बॉबी देओल, करीना कपूर और बिपाशा बसु ने काम किया था। बिपाशा बसु की ये पहली फिल्म थी। इस फिल्म से वह अपने फिल्मी करियर का आगाज कर रही थीं। कथित तौर पर फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों अभिनेत्रियों में कपड़ों को लेकर कहा-सुनी हो गई थी। अजय ब्रह्मात्मज के मुताबिक कुछ समय के लिए बिपाशा बसु के करियर में इस हादसे का असर रहा था।

बॉक्स ऑफिस फिल्म इंडस्ट्री में रिश्ते तय करता है। सब अपना फायदा देखते हैं और फिल्म इंडस्ट्री का अंदरूनी सिद्धांत है कि वहां कम बोलना चाहिए। तभी आप इंडस्ट्री में बने रह सकते हैं। ‘द ट्रेन’, ‘जेल’ जैसी फिल्मों में छोटे किरदार कर चुकी पूर्व मिस इंडिया सयाली भगत ने 2011 में एक स्टेटमेंट जारी किया था। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के शाइनी आहूजा, आर्य बब्बर, साजिद खान सहित और कई बड़े कलाकारों पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले में बाद में अमिताभ बच्चन ने पुलिस का सहारा लिया और तब यह मामला साइबर क्राइम का निकला। सयाली भगत ने अपने आप को साइबर क्राइम की शिकार बताते हुए सभी दिग्गजों से माफी मांगी और कहा कि उनके पूर्व पब्लिसिस्ट ने बिना उनकी रजामंदी के ये बयान जारी किया, जिससे वो बहुत शर्मिंदा हैं। उन्होंने अपने पूर्व पब्लिसिस्ट के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई। इस घटना के बाद फिल्मों में काम के लिए सयाली भगत संघर्ष करती रही। उनका नाम कम ही सुना गया।

अनुराग कश्यप एक समय में सोशल मीडिया पर काफी बेबाक चीजें, लिखा करते थे। अपनी फिल्मों की तरह वो भी बेबाकी से फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गजों के बारे में बोल देते थे। उनके बड़े भाई अभिनव कश्यप ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत सलमान खान की फिल्म ‘दबंग’ से की। फिल्म को सफलता मिली। जब दूसरे भाग के निर्देशन की बात आई तो कथित तौर पर अरबाज खान और अभिनव कश्यप के बीच कुछ अनबन हुई और अभिनव फिल्म ‘दबंग 2’ के निर्देशन से बाहर हो गए।

इस घटना पर भाई अनुराग कश्यप और अरबाज खान के बीच ट्विटर पर कहा-सुनी भी हुई। हालांकि अनुराग कश्यप के करियर पर इसका कोई असर नहीं हुआ, लेकिन उनके भाई अभिनव कश्यप की 2013 में रणबीर कपूर के साथ आई फिल्म ‘बेशरम’ फ्लॉप रही। बतौर निर्देशक विफल होने के बाद फिलहाल अभिनव कश्यप का निर्देशन करिअर रुक गया है।

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