: प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता लगातार आसमान छू रही है तो दूसरी तरफ देश की अर्थव्यवस्था पाताल पहुंचे चुकी है l रियल स्टेट आईटी टैक्सटाइल डायमंड उद्योग ऑटोमोबाइल सेक्टर समेत सभी आर्थिक प्रगति के मानकों में लगातार गिरावट दर्ज हो रही है l हालात इतने भयावह है कि यदि तत्काल उपचार शुरू नहीं हुआ तो इस वर्ष के अंत तक बेरोजगारी कई पायदान ऊपर पहुंच जाएगी l देर से ही सही केंद्र सरकार की कुंभकरण की नींद टूटी है l आज देश की वित्त मंत्री ने इस दिशा में कुछ पहल कर ही डाली l सीतारमण ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर इस वर्ष के बजट में आय पर लगाए गए अतिरिक्त सर चार्ज को जो उन्होंने फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट पर लगाया था वापस लेने की घोषणा की l साथ ही घरेलू निवेशकों पर भी आयकर चार्ज में बढ़ोतरी को रद्द कर दिया l शेयर बाजार के नेगेटिव होने के चलते वित्त मंत्री ने लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन पर भी वापस ले लिया है l सरकार ने अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए कई घोषणाएं की : 1.सरकारी बैंकों को ₹700000000 दिए जाएंगे जैसे कि बैंकों में लिक्विडिटी बनी रहे 2. बैंकों का रेपो रेट कम होगा ताकि ग्राहकों को अधिक ब्याज से राहत मिले l 3. आयकर विभाग टैक्स वसूली के लिए दबाव की नीति नहीं बनाएगा और इनकम टेक्स असेसमेंट 3 माह के अंदर कर दिया जाएगा 4. जीएसटी रिफंड 30 दिनों के भीतर होगा 5. ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए तत्काल राहत पर सरकार विचार करेगी . होमबायर्स के लिए अगले हफ्ते कुछ उपाय सामने लाए जाएंगे
टूटी सरकार की नींद अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के प्रयास शुरू

