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सुधाकर सिंह ने फिर सुलगाई बिहार की सियासत

बिहार में महागठबंधन सरकार के पांच महीने पूरे होने वाले हैं, लेकिन जेडीयू-आरजेडी नेताओं के बीच रिश्ते बिगड़ते जा रहे हैं।दरअसल,आरजेडी विधायक सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ अपमानजनक बयान दिया है,जिसके बाद से तकरार बढ़ गई है। 2 दिसंबर की जेडीयू संसदीय बोड के राष्ट्रिय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने जहां सुधाकर सिंह खिलाफ पलटवार किया है,तो वहीं जेडीयू के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि सुधाकर सिंह भाजपा के इशारे पर काम कर रहे है। राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने भी सुधाकर सिंह के बयान की निंदा की है। राजद नेता ही नहीं बल्कि महागठबंधन के सहयोगी जीतनराम मांझी ने तेजस्वी यादव से सुधाकर सिंह पर एक्शन लेने की मांग उठा दी है। ऐसे में देखना है कि तेजस्वी क्या कदम उठाते हैं।

सुधाकर सिंह आरजेडी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे हैं। रामगढ़ से राजद के विधायक और महागठबंधन सरकार में कृषि मंत्री थे, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कृषि नीतियों की आलोचना करके जेडीयू नेताओं के निशाने पर आ गए थे। ऐसे में सुधाकर सिंह को अपने मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था, जिसके चलते जगदानंद सिंह भी नाराज हो गए थे और आरजेडी कार्यालय आना छोड़ दिया था। तेजस्वी यादव दो महीने के बाद किसी तरह उन्हें मना कर पार्टी दफ्तर लाने में सफल हुए थे। इसके बावजूद भी सुधाकर सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला जारी रखा है। हाल ही में सुधाकर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिन्हा और कर्पूरी ठाकुर जैसे लोग हैं, जिन्हें बिहार के लोग हमेशा याद रखेंगे। हमारे नेता और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद का भी यही हाल है, जिन्होंने प्रदेश के लिए बहुत कुछ किया है, लेकिन नीतीश कुमार का नाम इतिहास में नहीं होगा।वह बिल्कुल याद नहीं रहेंगे। वह शिखंडी की तरह हैं? जिसकी अपनी कोई हैसियत नहीं है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव आज बिहार के मुख्यमंत्री नहीं हैं तो इसके लिए नीतीश कुमार दोषी हैं। नीतीश कुमार नाइट वॉचमैन के रूप में आए थे कि दो चार महीने वह मुख्यमंत्री रहेंगे और फिर तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बन जाएंगे,लेकिन आज चार से पांच महीना होने जा रहा है तो इसके लिए दोषी नीतीश कुमार हैं। उनसे पूछा जाना चाहिए कि आप क्यों नहीं बनने दे रहे हैं। नीतीश कुमार को तुरंत पद छोड़ देना चाहिए और उन्हें तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद की पेशकश करनी चाहिए।

यह पहली बार नहीं है कि जब सुधाकर सिंह ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। इससे पहले भी अक्टूबर 2022 की शुरुआत में अपने विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर टिप्पणी करने के बाद उन्हें राज्य के कृषि मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था, जिसके बाद से नीतीश कुमार पर हमलावर हैं। हालांकि, इस बार उनके बयान को लेकर सिर्फ जेडीयू ही नहीं बल्कि महागठबंधन के सहयोगी और आरजेडी के नेता भी नाराज हैं और सुधाकर सिंह पर महागठबंधन में दरार डालने का आरोप लगा रहे हैं।

सुधाकर सिंह के बयान पर गठबंधन नेताओं ने जाहिर की नाराजगी

 

बिहार सरकार के पूर्व मंत्री,वर्तमान विधायक सुधाकर सिंह के बयान पर आरजेडी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा है कि मुख्यमंत्री के विरुद्ध राष्ट्रीय जनता दल के विधायक सुधाकर सिंह का बयान घोर निंदनीय है। ऐसा बयान महागठबंधन की एकता के लिए अत्यंत घातक है। आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी है। ऐसे में गठबंधन को चलाने की सबसे अहम जवाबदेही उनके कंधों पर है। ऐसा लगता है कि सुधाकर जी ने जानबूझकर गठबंधन को तोड़ने के मकसद से इस तरह का बयान दिया है। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि सुधाकर सिंह के भाजपा के साथ पुराने संबंधों को याद दिलाया और कहा कि इस मामले में जगदानंद सिंह के ही अब दखल देना चाहिए।

इसके अलावा जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने तेजस्वी यादव को चेतावनी देते हुए कहा कि अपने विधायक को समझाइए और बताइए कि राजनीति में भाषाई मर्यादा की बड़ी अहमियत होती है। वे उस शख्सियत को ‘शिखंडी’ कह रहे हैं,जिन्होंने बिहार को उस खौफनाक मंजर से मुक्ति दिलाने की ‘मर्दानगी’ दिखाई थी। वह भी तब जब उसके खिलाफ कुछ भी बोलने के पहले लोग दाएं-बाएं झांक लेते थे। ऐसे बयानों से प्रदेश की लाखों-करोड़ों जनता और जेडीयू के कार्यकर्ताओं की भावना को चोट पहुंचती है। ऐसे बयानों पर जितनी जल्दी रोक लगे उतना सही होगा। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी ट्वीट कर कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अभद्र टिप्पणी करके सुधाकर सिंह ने साबित कर दिया है कि भले ही वह आरजेडी में हों, लेकिन उनकी आत्मा आज भी उनके पुराने दल भाजपा के साथ ही है। ऐसे में आरजेडी की जवाबदेही बनती है कि अविलंब विधायक सुधाकर सिंह पर कारवाई करे। यह गठबंधन धर्म का पालन होगा।

इस तरह से आरजेडी से लेकर महागठबंधन के सहयोगी तक सुधाकर सिंह को लेकर सख्त रुख अपना रखा है, लेकिन सुधाकर सिंह अपने बयान पर कायम हैं और उपेंद्र कुशवाहा को उनके पुराने बयान की याद दिला रहे हैं। किस तरह से नीतीश कुमार ने उनका अपमान किया था। सुधाकर सिंह ने ट्वीट कर कहा कि मुझे ठीक ठीक याद है कि आपने 9 दिसंबर 2011 को नीतीश कुमार को तानाशाह और लोकतांत्रिक बताते हुए जेडीयू से इस्तीफा दे दिया था। उस समय मुझे भी आपके इस वक्तव्य पर आश्चर्य हुआ था, पर आज दूरदर्शन पर गर्व महसूस होता है। साल 2018-2019 में आपने नीतीश के कार्यकाल को बिहार का सबसे खराब दौर कहा था, उस समय शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है। आपकी नजर में नीतीश कुमार सरकार चलाने के लायक नहीं थे। चार वर्ष पहले आपके द्वारा आयोजित की गई नीतीश हटाओ भविष्य बचाओ पदयात्रा आज भी हमारे जैसे साधारण कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है। वह जल्द पूरी होगी। बिहार की सत्ता से नीतीश कुमार को हटाने का विधायक सुधाकर सिंह ने बीड़ा उठा रखा है, जिसे लेकर जेडीयू के तेवर सख्त हो गए हैं। इतना ही नहीं आरजेडी भले ही सुधाकर सिंह के बयान को उनका निजी बयान बताकर पल्ला झाड़ रही हो, लेकिन जेडीयू उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहती है। विधायक  सुधाकर सिंह आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे हैं, जिसके चलते तेजस्वी यादव भी कशमकश में फंस गए हैं। ऐसे में देखना यह है कि सुधाकर सिंह पर एक्शन लेने का साहस जुटा पाएगी।

 

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