भारतीय महिला टीम की सबसे अनुभवी मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम ने विश्व चैंपियनशिप में गुरुवार को शानदार खेल दिखाते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई। मैरीकॉम ने 51 किग्रा भार वर्ग के क्वार्टर फाइनल में कोलंबिया की मुक्केबाज इंग्रीट वेलेन्सिया को 5-0 से हराकर अपना एक मेडल पक्का किया। इस मेडल को जीतने के साथ ही मैरी ने विश्व चैंपियनशिप में अपने पदक की संख्या आठ कर ली है। क्वार्टर फाइनल जीतने के बाद मेरीकॉम ने कहा,’ मैं पदक पक्का कर बहुत खुश हूं, लेकिन फाइनल में पहुंचकर इसे बेहतर बनाना चाहूंगी। यह मेरे लिए एक अच्छा मुकाबला था और अब सेमीफाइनल में इस प्रदर्शन में सुधार करने की कोशिश करूंगी।‘ इंडोनेशिया के लाबुअन बाजो में 23वें प्रेसिडेंट्स कप में गोल्ड मेडल जीतकर मेरी कॉम ने ट्वीट किया, ‘प्रेसिडेंट्स कप में यह गोल्ड मेडल मेरे और देश के लिए है। जीतने का मतलब है कि आप आगे जाने के लिए तैयार हैं। आप कड़ी मेहनत करते हैं। किसी और की तुलना में अधिक प्रयास करते हैं। मैं अपने सभी कोच, सहयोगी स्टाफ, किरण रिजिजू और एसएआई का धन्यवाद करती हूं।’

केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू ने गोल्ड मेडल जीतने पर मेरी कॉम को ट्विटर पर बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘डियर मेरी कॉम, आप भारत की गौरव हैं. प्रेसिडेंट कप इंडोनेशिया में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने के लिए बधाई।‘
मैंगते चंग्नेइजैंग मैरी कॉम (एम सी मैरी कॉम) का जन्म 1 मार्च 1963 में हुआ। जिन्हें मैरी कॉम मुक्केबाज के नाम से भी जाना जाता है,यह एक भारतीय महिला हैं। वे मणिपुर, भारत की मूल निवासी हैं। इससे पहले 36 साल की मैरी कॉम सात बार विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता की विजेता रह चुकीं हैं। 2012 के लंदन ओलम्पिक में इन्होंने काँस्य पदक जीता।

