अगर आप दिवाली पर पटाखे फोड़ने की सोच रहे हैं ,तो सावधान हो जाइए, ऐसा करने पर दिवाली के त्यौहार में सलाखों के पीछे जाना पड़ सकता है। साथ ही भारी जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। पर्यावरण संरक्षण कणों के तहत प्रदूषण फैलाने के लिए 5 से 7 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान किया गया है। शायद अब की बार आपकी दिवाली रूखी हो लेकिन ये सच है की बढ़ते प्रदूषण के चलते सरकार ने सख्त नियम जारी कर दिए हैं। एडवोकेट कालिका प्रसाद काला ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को प्रदूषण फैलाने वाले व्यक्ति को 7 साल तक की सजा सुनाने और उस पर 10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने का अधिकार है। साथ ही पटाखों पर बैन भी लगा दिया गया है।
इस समय दिल्ली में प्रदूषण इंडेक्स वैसे ही हाई है और दिवाली में पटाखों के चलते हवा इतनी जहरीली हो सकती है कि आपको बहुत बीमार कर सके। यदि आप दिवाली में पटाखे फोड़ने की सोच रहे है तो आप ये गलत सोच रहे हैं क्योंकि सरकार ने जिन नियमों को लागू किया है। वो हमारी सुरक्षा को देखकर किया है। आज जो प्रदूषण हमारे आस-पास मौजूद हैं। हम इसके खुद ही जिम्मेदार हैं।
यूं तो दीवाली पर हर साल होने वाले प्रदूषण को ध्यान में रखते सुप्रीम कोर्ट आदेश जारी करता है , लेकिन इस बार कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। यही वजह है कि कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर में रॉकेट और बॉम्ब सरीखे पटाखों को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। कोर्ट ने इस दीवाली पर सिर्फ ग्रीन पटाखों के ही इस्तेमाल को मंजूरी दी है।

