जनार्दन कुमार सिंह
बाप आखिर बाप होता है, चाहे वह सौतेला ही क्यों न हो। फिर छोटा बच्चा तो सांप को भी प्यारा लगता है। लेकिन पत्थर दिल आदम के लिए प्रेम के कोई मायने नही होते। उत्तराखण्ड के चंपावत जिले के अंतर्गत टनकपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिस पर कोई विश्वास नहीं कर पा रहा है कि आखिर कोई आदमी इतना क्रूर और कठोर भी हो सकता है कि अपने ही मासूम बच्चे की हत्या कर दे।
बताया जाता है कि 29 अगस्त को टनकपुर शहर के वार्ड संख्या चार में नरेश नामक एक व्यक्ति ने अपने दो वर्षीय सौतेले बेटे की सिर्फ इसलिए सीने पर लात मारकर हत्या कर दी कि वह रो रहा था। बच्चे का रोना नरेश को इतना चुभ गया कि उसने बच्चे के सीने पर लात मार दी। इससे भी बड़ी घृणास्पद बात यह है कि बच्चा 24 घंटे तक विस्तर पर पड़ा तड़पता रहा, लेकिन बच्चे की मां के कहने पर भी वह उसे अस्पताल तक नहीं ले गया। इतना ही नहीं उसने बच्चे की मां को चुप रहने की धमकी भी दे डाली।
आख़िरकार परिजन सोनू को संयुक्त चिकित्सालय लेकर पहुंचे तो वहां चिकित्साधिकारी डॉ. निहालअख्तर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन मासूम के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहेथे कि इस बीच किसी ने पुलिस को सोनू के सौतेले बाप नरेश की हरकत की सूचना दे दी। इसके बाद पुलिस ने बच्चे की मां सेपूछताछ की तो उसने सच-सच बता दिया।पुलिस ने मासूमसोनू के शव को कब्जे ले लिया। पुलिस के मुताबिक जांच-पड़तालमें सौतेले बाप नरेश कुमार के ही मासूम की हत्या करने की बात सामने आई है।
बताया जाता है कि मासूम की हत्या के बादआरोपी नरेश भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस नेउसे बनबसा सैनिक छावनी की ऑफिसर्स कॉलोनी के पास से गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्षने बताया कि आरोपी को आईपीसी की धारा 302 और 506 के तहत गिरफ्तार कर जेलभेज दिया गया है। दरअसल, शहर के रेलवे कॉलोनीवार्ड संख्या चार निवासी शबाना ने अपने पहले पति राजू मियां से संबंध विच्छेद करएक पुत्र और एक पुत्री के साथ पीलीभीत जिले के देवरिया निवासी नरेश पुत्र हीरा लालके साथ विवाह किया था। बताया गया कि नरेश मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था,लेकिन पत्नी के साथ आए दोनों सौतेले बच्चे सेउसे कोई लगाव नहीं था।

