सिंहावलोकन-2024/स्मृति शेष
वर्ष 2024 कई महान हस्तियों के अवसान के लिए याद किया जाएगा। इस वर्ष भारत और विश्वभर में कई प्रमुख हस्तियों का निधन हुआ, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। ये वे व्यक्ति थे, जिन्होंने अपने कार्यों से समाज, कला, विज्ञान, राजनीति और अन्य क्षेत्रों में अमिट छाप छोड़ी। उनकी अनुपस्थिति एक गहरी शून्यता का एहसास कराती है, परंतु उनके विचार और कार्य उनकी स्मृति के रूप में जीवित रहेंगे
डॉ. मनमोहन सिंह: भारत के 13वें प्रधानमंत्री रहे डॉ. मनमोहन सिंह 1991 में देश के वित्त मंत्री बने थे। उन्हें कर्ज के दलदल से देश को बाहर लाने और बड़े पैमाने पर आर्थिक सुधार करने का श्रेय दिया जाता है। 2004 में प्रधानमंत्री बने डॉ. मनमोहन सिंह का कार्यकाल कई महत्वपूर्ण जन उपयोगी योजनाओं के साथ-साथ भारी भ्रष्टाचार के लिए भी जाना जाता है। 90 वर्ष की आयु में उनका दिल्ली के एम्स अस्पताल में 26 दिसंबर को निधन हो गया।
रतन टाटा: भारत सरकार के प्रतिष्ठित सम्मान पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित उद्योगपति रतन टाटा को उनकी सादगी और विनम्रता के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। टाटा समूह का अध्यक्ष रहते उन्होंने अपने कारोबार का भारी विस्तार किया। देश की सबसे सस्ती कार ‘नैनो’ रतन टाटा की ही देन है। उन्होंने ‘लैंड रोवर’ और ‘कोरस’ जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को टाटा समूह का हिस्सा बनाया। उनका निधन 9 अक्टूबर 2024 को मुंबई में हुआ।
जाकिर हुसैन: ख्याति प्राप्त तबला वादक जाकिर हुसैन भी अपने लाखों प्रशंसकों को गहरी गम में डाल 15 दिसम्बर के दिन इस संसार को अलविदा कह गए। पद्मश्री, पद्मभूषण और ग्रैमी अवार्ड से
सम्मानित जाकिर हुसैन ने तबला वादन को न केवल शास्त्रीय संगीत का हिस्सा बनाए रखा, बल्कि इसे आधुनिक और फ्यूजन संगीत का भी महत्वपूर्ण अंग बनाने का काम किया।
सीताराम येचुरी: मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव रहे सीताराम येचुरी ने भारत में वामपंथी राजनीति को बनाए रखने और सामाजिक, आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई। मजदूर वर्ग, किसानों और कमजोर तबकों के अधिकारों के लिए वे ताउम्र संघर्ष करते रहे। 12 सितम्बर 2024 को लम्बी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया। येचुरी को उनके स्पष्ट विचारों और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व के लिए जाना जाता है।
अमीन सयानी: रेडियो उद्घोषणा को एक नई पहचान देने और भारतीय संगीत को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाले अमीन सयानी को प्रसिद्ध रेडियो प्रोग्राम ‘बिनाका गीतमाला’
के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। उनकी आवाज आज भी भारतीय मनोरंजन इतिहास का एक सुनहरा अध्याय मानी जाती है। 3 मार्च 2024 को उन्होंने इस संसार से विदा ली।
शारदा सिन्हा: बिहार कोकिला के नाम से प्रसिद्ध गायिका शारदा सिन्हा ने भोजपुरी और मैथिली लोकगीतों को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 5 नवम्बर 2024 को उन्होंने अंतिम सांस ली।
यामिनी कृष्णमूर्ति: पद्मश्री, पद्मभूषण और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित यामिनी कृष्णमूर्ति का भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी नृत्य शास्त्रीय परंपरा के साथ-साथ आधुनिकता का अद्भुत
संतुलन प्रस्तुत करता था। वे आज भी शास्त्रीय नृत्य की प्रेरणा स्रोत मानी जाती हैं। 3 अगस्त 2024 को उनका निधन हुआ।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण हस्तियों ने इस संसार को 2024 में अलविदा कह दिया
रानी मिकासा: जापान के शाही परिवार की वरिष्ठ सदस्य रानी मिकासा का 20 अक्टूबर 2024 को निधन हुआ। रानी मिकासा ने शाही परिवार के सदस्य के रूप में जापान की संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके सादगीपूर्ण व्यक्तित्व और परोपकारी कार्यों के लिए उन्हें याद किया जाता है।
जॉन टिनिसवुड: दुनिया की सबसे बुजुर्ग व्यक्ति जॉन टिमिसवुड का जन्म 26 अगस्त 1912 को हुआ था। ब्रिटेन के निवासी तिमिस वुड का जीवनकाल कई ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है और वे अपने स्वस्थ जीवनशैली और सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते रहे। 12 सितम्बर 2024 को उनका निधन हो गया।
हमजा हज: हमजा हज इंडोनेशिया के एक प्रमुख राजनेता थे, जिन्होंने 2001 से 2004 तक देश के उपराष्ट्रपति के रूप में सेवा दी। 2 अगस्त 2024 को उनका निधन हुआ
डेरेक अंडरवुड: इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर और लेफ्ट-आर्म ऑर्थाेडाक्स स्पिन गेंदबाज डेरेक अपने समय के सबसे कुशल और खतरनाक स्पिनरों में से एक माने जाने वाले थे। अंडरवुड को उनकी सटीकता और असमान उछाल के लिए जाना जाता था, जिसने उन्हें ‘डेडली’ (क्मंकसल) उपनाम दिलाया। 3 जून 2024 को उन्होंने इस दुनिया से विदा ली।

