नई दिल्ली। इस बार 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस समारोह मुख्य अतिथि नहीं होंगे। मुख्य अतिथि के तौर पर ब्रिटिश पीएम बोरिस जाॅनसन को आमंत्रित किया गया था। उन्होंने निमंत्रण को स्वीकार भी कर लिया गया था, लेकिन कोरोना महामारी को देखते हुए उन्होंने कार्यक्रम में आने का अपना फैसला बदल दिया है। अब ऐसे में मुख्य अतिथि के बिना ही गणतंत्र दिवस समारोह की परंपरा निभाई जाएगी।
देश में यह चैथा मौका है, जब गणतंत्र दिवस समारोह बिना मुख्य अतिथि के होगा। वर्ष 1952, 1953 और 1966 में गणतंत्र दिवस समारोह के लिए किसी को मुख्य अतिथि नहीं बुलाया था। इसके अलावा तीन बार 1956, 1968 व 1974 में इस समारोह के दो-दो मुख्य अतिथि थे। दो वर्ष पूर्व 2018 में दस एशियाई देशों के शासनाध्यक्षों को समारोह का मुख्य अतिथि बनाया गया था। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जाॅनसन ने 6 जनवरी 2021 को पीएम मोदी से फोन पर बात कर बतौर मुख्य अतिथि आने में असमर्थता जताई थी। इसके लिए उन्होंने ब्रिटेन में कोरोना के नए स्ट्रेन का हवाला देकर मना कर दिया।
यात्रा रद्द करने के लिए दुख प्रकट करते हुए, कहा कि कोरोना के ज्यादा मामले आ रहे हैं। इसलिए सुधार होते ही वह भारत की यात्रा करेंगे। गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार कोरोना प्रोटोकाल और सादगी का सख्ती से पालन किया जाए। इस अवसर पर निकलने वाली परेड इस बार पहले की तुलना में आधी यात्रा ही करेगी। इसके अलावा इस बार सीमित संख्या में ही लोग परेड में भाग ले पाएंगे।

