उत्तराखंड की नेता प्रतिपक्ष और हल्द्वानी की कांग्रेस विधायक इंदिरा हृदयेश का आज सुबह दिल्ली में हृदय गति रुकने से निधन हो गया है। जिससे देश व प्रदेश के लोगों में शोक की लहर है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने एक ट्वीट करके इस पर दुख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की वरिष्ठ नेत्री, पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहीं, मेरी बड़ी बहन जैसी आदरणीया श्रीमती इंदिरा हृदयेश जी के निधन का दुखद समाचार मिला। मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए भगवान के श्री चरणों में प्रार्थना करता हूँ।
चार दशकों से उत्तर प्रदेश उत्तराखंड की राजनीति कर रही थी। यूपी से अलग होकर बने उत्तराखंड में वह पिछले दो दशकों से कांग्रेस पार्टी का प्रमुख चेहरा रहीं। इंदिरा हृदयेश राज्य में विपक्ष की कद्दावर नेता मानी जाती थीं। धीर-गंभीर अंदाज और राजनीतिक परिपक्वता की वजह से विपक्षी नेता भी उनका सम्मान करते थे।
इंदिरा हृदयेश कांग्रेस संगठन की बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली गई थी। दिल्ली आने से पहले शनिवार को हृदयेश ने कांग्रेस के देशव्यापी प्रदर्शन के तहत हल्द्वानी में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी के रणनीतिक अभियान का वह प्रमुख हिस्सा थीं। कुछ दिनों पहले ही नेता प्रतिपक्ष बीमार हुई थीं । जिसके चलते वह सल्ट विधानसभा के उपचुनाव में भी नहीं जा सकी थी।
इस साल मार्च में भी उनकी श्रीनगर गढ़वाल में आयोजित कांग्रेस की जन आक्रोश रैली में शामिल होने के दौरान तबीयत खराब हो गई थी। इसके बाद उन्हें ऋषिकेश एम्स में भर्ती कराया गया था। इससे पहले दिसंबर में वह कोरोना संक्रमित भी हो गई थीं। उससे उबर कर वह फिर से उत्तराखंड की राजनीति में सक्रिय हुई थीं ।
आज सुबह दिल्ली में उनको हार्ट अटैक का दौरा पड़ा। जिसके बाद उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां उपचार के दौरान का निधन हो गया। इस दौरान अस्पताल उनके पुत्र सुमित ह्रदयेश समेत कांग्रेस के कई बड़े नेता मौजूद थे।
राज्य की कद्दावर नेताओं में शामिल रही इंदिरा हृदयेश की मौत की खबर से पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर है। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन में ठहरी हुईं थीं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह भी उत्तराखंड सदन में ही थे । उत्तराखंड की मिशन 2022 की नीति पर निर्णय लेने के मद्देनजर इंदिरा हरदेश ने कल प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव के साथ बैठक की थी।

