भारतीय जनता पार्टी के संगठन में बदलाव होने की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। हालांकि अगर जेपी नड्डा की जगह नया अध्यक्ष नहीं बनता है और उनको ही लोकसभा चुनाव तक कार्यकाल का विस्तार मिलता है या दूसरा कार्यकाल मिलता है तब संगठन में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। इसके बावजूद चर्चा इसलिए शुरू हुई है क्योंकि कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर अपनी सरकार में फेरबदल कर सकते हैं। उन्होंने दूसरी बार सरकार बनने के बाद पहली फेरबदल करीब ढाई साल के बाद की थी। अब एक साल बाद फिर फेरबदल की चर्चा है तो उसका कारण गुजरात चुनाव का प्रयोग है। दरअसल, गुजरात में चुनाव से एक-सवा साल पहले मुख्यमंत्री सहित सारे मंत्रियों को बदल दिया गया था। सारे पुराने और बड़े नेता सरकार से हटा दिए गए थे और बिल्कुल नए चेहरों को मौका दिया गया था। उसी तरह का प्रयोग प्रधानमंत्री मोदी अपनी सरकार में भी कर सकते हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी की पहली सरकार से यानी मई 2014 से जो लोग मंत्री पद पर हैं उनमें से ज्यादातर को हटाया जा सकता है। सात या आठ साल से जितने लोग मंत्री हैं वे आशंकित हैं क्योंकि उनमें से ज्यादातर को बदले जाने की चर्चा है। उनकी जगह नए चेहरे लाए जा सकते हैं। हर राज्य में ऐसे नए चेहरों की पहचान हुई है। काफी नए और युवा लोगों को मंत्रिमंडल में लिए जाने की चर्चा है। हालांकि अभी बदलाव की टाइमिंग को लेकर कोई भरोसे में नहीं है। बजट से पहले या बजट के ठीक बाद, जब सरकार के नौ साल पूरे होंगे उस समय फेरबदल हो सकता है। जो भी हो, यह तय है कि गुजरात मॉडल लागू होना है और इसका शिकार कई बड़े नेता भी हो सकते हैं।
मोदी मंत्रिमंडल से बाहर होंगे दिग्गज

