उत्तर प्रदेश का मोस्ट वांटेड अपराधी आठ पुलिसकर्मियो की हत्या का आरोपी विकास दुबे आज मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार हो गया। मध्य प्रदेश पुलिस जहां दावा कर रही है कि उसने विकास दुबे को महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया है। वहीं दूसरी तरफ कहा जा रहा है कि उसने नाटकीय ढंग से पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। यह सब पूर्व नियोजित करार दिया जा रहा है।
फिलहाल, विकास दुबे को लेकर यह बहस छिड़ गई है कि उसने आत्मसमर्पण किया या उसकी गिरफ्तारी हुई। इसी दौरान सोशल मीडिया पर बड़े जोर से चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कहा जा रहा है कि विकास दुबे का आत्मसमपण कराया गया। जिसमें पूरी प्लानिंग के साथ इस मामले को अंजाम दिया गया।
Gangster Vikas Dubey, wanted in killing of 8 policemen, arrested https://t.co/oi0yU1GDFo
-via @inshortsयह तो उत्तरप्रदेश पुलिस के एनकाउंटर से बचने के लिए प्रायोजित सरेण्डर लग रहा है। मेरी सूचना है कि मध्यप्रदेश भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के सौजन्य से यह संभव हुआ है।
जय महाकाल।— Digvijaya Singh (@digvijaya_28) July 9, 2020
यहां तक की कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने यह तक कह दिया कि विकास दुबे को गिरफ्तार नहीं किया गया बल्कि उसका आत्मसमर्पण कराया गया है। दिग्विजय सिंह ने इस आत्मसमर्पण में मध्य प्रदेश के एक भाजपा नेता की तरफ इशारा किया है।
जबकि दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस मामले पर ट्वीट किया और कहा कि यह सब सरकार के इशारे पर आत्मसमर्पण का खेल खेला गया है। अखिलेश यादव ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा है कि वह स्पष्ट करे कि यह गिरफ्तारी है या आत्मसमर्पण।
ख़बर आ रही है कि ‘कानपुर-काण्ड’ का मुख्य अपराधी पुलिस की हिरासत में है. अगर ये सच है तो सरकार साफ़ करे कि ये आत्मसमर्पण है या गिरफ़्तारी. साथ ही उसके मोबाइल की CDR सार्वजनिक करे जिससे सच्ची मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सके.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 9, 2020
वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया में विकास दुबे की मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तारी पर चर्चाएं आम हो गई है। जिसमें कहा जा रहा है कि देर रात 8:30 बजे उज्जैन के एसपी और डीएम महाकाल मंदिर पहुंचे थे। सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा है कि दोनों उच्चाधिकारी वहां महाकाल के दर्शन करने नहीं पहुंचे थे बल्कि एक कमरे में मीटिंग करने पहुंचे थे।
कहा यह जा रहा है कि दोनों उच्चाधिकारियों की यह मीटिंग विकास दुबे की आत्मसमर्पण की रिहर्सल थी। हालांकि, इस बाबत अभी किसी राजनीतिक पार्टी का कोई बयान नहीं आया है और ना ही कोई अधिकारिक बयान भी जारी किया गया है।

लेकिन सोशल मीडिया ट्विटर पर यह खबर बड़ी तेजी से चल रही है कि विकास दुबे सरेंडर की पटकथा देर रात महिकाल मंदिर मे लिखी गई। जिसमें उज्जैन के दोनों उच्चाधिकारी वहां स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। सूत्रों से खबर मिली है कि विकास दुबे ने जिस तरह से मंदिर में पर्ची कटा कर दर्शन किए वह सब पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत किया गया।

