मेसेजिंग प्लैटफॉर्म व्हाट्सएप भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सेवा को शुरू करने वाली है, लेकिन हैकिंग विवाद डिजिटल पेमेंट सेवा की भारत में लॉन्चिंग की राह में रोड़ा बन सकता है। भारत सरकार के लिए पेमेंट और लेनदेन में डाटा की सुरक्षा चिंता का विषय है। वहीं, सरकार के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि पेमेंट सेवा के लिए सुरक्षित प्लेटफॉर्म की होना बहुत जरूरी है। साथ ही व्हाट्सएप जल्द ही प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सभी जरूरी सवालों का जवाब देगा।
यह पूछे जाने पर कि पेगासस जासूसी विवाद के बाद व्हाट्सऐप के डिजिटल पेमेंट प्लान पर कोई असर पड़ेगा, अधिकारी ने कहा कि निश्चित तौर पर इससे कंपनी के प्लान और सुरक्षा पहलुओं पर सवाल उठेंगे। खासतौर पर डिजिटल भुगतान के लिए फुल-प्रूफ सिस्टम के बारे में। इस संबंध में व्हाट्सऐप को भी एक ई-मेल किया गया लेकिन इसका अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। व्हाट्सऐप के भारत में करीब 40 करोड़ उपभोक्ता हैं और वह पिछले साल से करीब 10 लाख उपभोक्ताओं पर अपनी पेमेंट सेवा की टेस्टिंग कर रहा है। व्हाट्सऐप का लॉन्चिंग के बाद पेटीएम, फोन-पे और गूगल-पे जैसे पेमेंट प्लेटफॉर्म से सीधा मुकाबला होगा।
सरकार का कहना है कि जून से लेकर अब तक व्हाट्सएप के साथ चर्चा हुई, लेकिन मैसेजिंग एप ने एक बार भी पेगासस हैकिंग की जानकारी साझा नहीं की थी। सरकार ने व्हाट्सएप से मामले के खुलासे को लेकर भी सवाल किया है, हालांकि व्हाट्सएप ने बताया है कि उसने हैकिंग के बारे में मई 2019 में ही सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी थी।

सोशल मीडिया एप व्हाट्सएप ने इजरायल की जासूसी कंपनी एनएसओ ग्रुप पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पेगासस के जरिए भारतीय पत्रकारों और समाजिक कार्यकर्ताओं की जासूसी की गई थी। वहीं, व्हाट्सएप ने हैकिंग की पुष्टि करते हुए इजरायली जासूसी कंपनी पर मुकदमा भी ठोका है।
एनएसओ ग्रुप ने ही पिगासस को तैयार किया है। ग्रुप का दावा है कि उसने यह सॉफ्टवेयर सरकार की मदद के लिए बनाया है ताकि सरकार और सुरक्षा एजेंसियां आतंकवाद जैसी गतिविधियों से निपट सकें। इस ग्रुप की शुरुआत 2010 में तीन दोस्तों ने साइबर सिक्योरिटी इंटेलिजेंस फर्म के रूप में की थी। जिन लोगों ने इसकी शुरुआती की थी उनके नाम शलेव हुलिओ निव कार्मी और ओमरी लैवी है।
भारत में वॉट्सऐप के लगभग 40 करोड़ यूजर हैं। इसकी पेमेंट सर्विस की पिछले वर्ष अप्रैल से भारत में टेस्टिंग की जा रही है। इस सेगमेंट में वॉट्सऐप का मुकाबला पेटीएम, गूगल पे और फोनपे से होगा। भारतीय अथॉरिटीज और वॉट्सऐप के बीच विवाद भी चल रहा है। कंपनी का कहना है कि उसने हैकिंग के जोखिम को लेकर सरकार को जानकारी दी थी, जबकि सरकार ने कहा है कि यह जानकारी अटकल के जैसी थी।