कोटद्वार: बांदीपुरा के गुरेज सेक्टर में आतंकियों को मौत के घाट उतार कर शहीद हुए देवभूमि के लाल शहीद मनदीप रावत को अंतिम सलामी देने पूरा कोटद्वार सड़कों पर उतर आया। शहीद की अंतिम यात्रा उनके घर शिवपुर से शुरू हुई। घर से लेकर गाड़ीघाट शमशान घाट तक लोग ही लोग नजर आ रहे थे। जो जहां मिला अपने वीर को सलामी करते हुए उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होता चला गया। भारत माता के जयकारों से कोटद्वार गूंज उठा।
शहीद का पार्थिव शरीर कल रात को ही उनके घर पंहुच गया था। मनदीप के शहीद होने की खबर सुनते ही उनके घर ही नहीं बल्कि पूरे गांव में कोहराम मच गया। मनदीप के दर्शनों के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। मनदीप की मां बस एक ही शब्द रट रही थीं कि बेटे ने आने का वादा किया था। उसने कहा था मां तुम अपना ख्याल रखना….मैं ठीक हूं। इसके कुछ समय बाद ही मनदीप की शहादत की खबर ने कानों पर दस्तक दी, तो मां क्या पहले किसी को भरोसा ही नहीं हुआ।
आज शहीद मनदीप के घर से गाड़ीघाट शमशानघाट के लिए उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई। अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई और सलामी देने के लिए पूरा कोटद्वार सड़कों पर निकल आया। आलम यह था कि सड़कों पर पंवा रखने तक की जगह नहीं थी। लोगों ने देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर सपूत की अंतिम विदाई में कोई कसर नहीं छोड़ी।
देवभूमि के लाल को अंतिम विदाई देते वक्त हर आंख नम थी। पाकिस्तान मुर्दाबाद, हिन्दुस्तान जिंदाबाद के नारों की गूंज सन्नाटे काेे चीर रही थीं। शहीद के माता-पिता से लेकर हर किसी को अपने वीर जवान की शहादत पर गर्व तो है, लेकिन गुस्सा भी था कि यूं ही कब तक हम शहादतें देते रहेंगे। पाकिस्तान को नस्तेनाबूत क्यों नहीं कर देते। भारत माता के वीर सपूत को हमारा सलाम….जय हिंद।

