उत्तराखण्ड में इन दिनों सांसद खेल महोत्सव की धूम चल रही है, जिसको लेकर सरकार का दावा है कि ‘सांसद खेल महोत्सव’ पहाड़ों के युवाओं और खेल प्रेमियों को आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा लेकिन बड़ी विडम्बना है कि कुमाऊं-गढ़वाल के प्रवेश द्वार रामनगर के कनिया क्षेत्र में लगभग 2.9 हेक्टेयर भूमि पर वर्षों से प्रस्तावित मिनी स्टेडियम का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है। यह क्षेत्र के प्रतिभावान खिलाड़ियों के भविष्य से जुड़ा ऐसा कठिन सवाल है जिसको केंद्र व राज्य में यहां से चुने गए जनप्रतिनिधियों से जब पूछा जाता है तो वो मौन धारण कर लेते हैं। क्षेत्र के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम बनाने के सपनों को लेकर 2004-05 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने रामनगर के कनिया स्थित भूमि को स्टेडियम के रूप में स्वीकृति दे दी थी। विकास पुरुष कहे जाने वाले तिवारी के कार्यकाल से लेकर अभी तक सत्ता में काबिज कांग्रेस व भाजपा दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की सरकार रही लेकिन युवाओं के भविष्य व क्षेत्र के विकास से जुड़े इस कार्य को न तो सरकार न ही उनके नुमाइंदे पूरा करा पाए। ये समझना मुश्किल है कि क्यों इस प्रस्तावित मिनी स्टेडियम के निर्माण कार्यों को लांघा जा रहा है।
रामनगर कानिया स्थित जिस भूमि पर मिनी स्टेडियम प्रस्तावित है वहां पूर्ववर्ती भाजपा सरकार वाहन प्रशिक्षण केंद्र बनाना चाहती थी लेकिन यह परियोजना परवान न चढ़ पाई। क्षेत्र के कुछ दिग्गज नेताओं ने इस भूमि पर बालिका इंटर काॅलेज का सुझाव भी दिया था लेकिन किन्हीं कारणों से वह भी फेल रहा। अंत में पूर्व मुख्यमंत्री तिवारी ने वहां मिनी स्टेडियम बनाने के लिए हामी भरी।
विकास पुरुष तिवारी द्वारा मिनी स्टेडियम का सपना ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को मंच देने और युवाओं को व्यायाम व खेलों की ओर प्रोत्साहित करने के लिए देखा गया था लेकिन इतनी बड़ी भूमि पर प्रस्तावित स्टेडियम बजट की मार झेल रहा है। यह अब नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। रखरखाव न होने से भूमि अधिकांश हिस्सा जीर्ण-शीर्ण हालत में है। कई जगह से चहारदीवारी टूट गई है। मैदान में लम्बी-लम्बी घास और झाड़ियां खड़ी है। कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा खुले में शौच करने से वहां हालत इतनी खराब है कि इनका उपयोग करना बीमारियों को न्योता देना है। जगह-जगह बिखरा कूड़ा, जंग लगी लोहे की ग्रिलें उपेक्षा की कहानी बता रही हैं।
सड़क किनारे लगाते हैं दौड़ सुबह-शाम सड़क पर बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे घूमते हुए नजर आते हैं। गांव के युवाओं ने बताया कि खेल मैदान के अभाव में अभ्यास करने का मन नहीं करता। वर्षों से खेल मैदान को लेकर मांग कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है वहीं जो युवा देश सेवा करने के लिए फौजी व पुलिस का सपना संजोय हुए हैं, उनको भी काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। सरकार खेलों के नाम पर चाहे कितने भी दावे करे लेकिन जमीनी हकीकत पर ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को कोई सुविधा नहीं है। खिलाड़ी आज भी खेल मैदान की राह देख रहे हैं और उम्मीद लगाए बैठे हैं।
स्थानीय खिलाड़ियों का कहना है कि मैदान के अभाव से उनकी फिटनेस और प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। क्रिकेट, एथलेटिक्स, फुटबाॅल, कबड्डी और वाॅलीबाॅल सहित विभिन्न खेलों के खिलाड़ी वर्षों से एक उपयुक्त मैदान और मिनी स्टेडियम की मांग कर रहे हैं। दशकों से खेल प्रतिभाओं की अनदेखी की जा रही है। जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधियों ने इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की है। क्रीड़ा विभाग भी वर्षों से निष्क्रिय दिख रहा है। बीते कई सालों में न तो स्थानीय स्तर पर कोई बड़ा टूर्नामेंट आयोजित हुआ है और न ही खिलाड़ियों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं। स्कूल और काॅलेजों में भी खेलकूद गतिविधियां केवल औपचारिकताओं तक सीमित रह गई हैं जिससे छात्र-खिलाड़ियों की तैयारी और प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ रहा है। सबसे चिंताजनक स्थिति मंडल और राज्य स्तरीय खिलाड़ियों की है। क्षेत्र में उचित मैदान न होने की वजह से उन्हें अभ्यास में दिक्कत आ रही है।
राजनीतिक मंचों से मिनी स्टेडियम की घोषणाएं कई बार की गई हैं लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई बदलाव नहीं आया है।
रामनगर के कानिया स्थित मिनी स्टेडियम का मामला जानकारी में आया है, युवा कल्याण विभाग से हस्तांतरित करने के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी की संस्तुति, सहमति आवश्यक है जिसके लिए शीघ्र प्रयास किया जाएगा। मिनी स्टेडियम में ओपन जिम का जो सुझाव है, इसके लिए जिला योजना से शीघ्र बजट आवंटित करने का प्रयास किया जाएगा।
रेखा आर्य, कैबिनेट मंत्री, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड
भाजपा जूमलेबाजांे की सरकार है, रामनगर विधानसभा में मिनी स्टेडियम के लिए प्रस्तावित इस भूमि पर खिलाड़ियों के लिए कुछ भी निर्माण कार्य नजर नहीं आते। एक तरफ भाजपा सांसद खेल महोत्सव करवा रही है दूसरी ओर क्षेत्र में खेलांे को बढ़ावा देने के लिए कांग्रेस सरकार द्वारा प्रस्तावित मिनी स्टेडियम की तरफ रामनगर विधायक ने मुंह फेर लिया है। 2027 में कांग्रेस विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से विजय होकर रामनगर के प्रस्तावित मिनी स्टेडियम को अंतराष्ट्रीय स्तर का खेल मैदान बनाने का प्रयास करेगी।
रणजीत सिंह रावत, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक, सल्ट
मेरे द्वारा प्रदेश की माननीय खेल मंत्री रेखा आर्य जी को इस सम्बंध में अवगत करवाया गया है। उनसे यहां पर मिनी स्टेडियम निर्माण और ओपन जिम बनाने का प्रस्ताव दिया गया था जिस पर माननीय मंत्री जी ने जल्द पहल करने की बात कही है। युवा कल्याण विभाग के पास यह खेल मैदान है लेकिन युवा कल्याण विभाग के पास बजट नहीं है। ऐसे में मिनी स्टेडियम को खेल मंत्रालय को देने की आवश्यकता है। युवा प्रतिभाओं को जल्द अच्छा मंच मिले इसके लिए सभी प्रयासरत हैं।
इंदर सिंह रावत, पूर्व ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि एवं भाजपा नेता, रामनगर
हम आपको बताते हैं मिनी स्टेडियम के लिए कुछ वर्ष पूर्व विभाग द्वारा 25 लाख रुपए आया था जिससे इसमें एक साइड दीवार व दो साइड फेंसिंग हुई। उसके बाद 2022 में 25 लाख सांसद विधायक निधि से ड्रेसिंग कक्ष का निर्माण कार्य किया गया जिसके लिए हमारे द्वारा कई बार जल संस्थान को वाटर सप्लाई के लिए बोला गया लेकिन अभी तक यहां न पानी है, न बिजली है। क्षेत्रीय कल्याण अधिकारी के ऊपर खेल आयोजित करने के दबाव बनाए जाते हैं। सीमित संसाधनों में हम खेल आयोजित कहां से कराए। प्रस्तावित मिनी स्टेडियम बजट की मार झेल रहा है।

