योगी आदित्यनाथ सरकार को भले ही सुप्रीम कोर्ट से भी दंगा भड़काने के आरोपियों की पहचान सार्वजनिक करने वाले पोस्टरों को हटाने संबंधी हाईकोर्ट के आदेश पर राहत नहीं मिल पाई हो। प्रदेश सरकार येन-केन प्रकरण अपने निर्णय को पीछे हटने को तैयार नहीं नजर आ रही है। इस बीच योगी सरकार और भाजपा को शर्मसार करने की नीयत से विपक्षी दलों ने भी प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रेप के आरोपी भाजपा नेता कुलदीप सेंगर और स्वामी चिन्मयानंद की तस्वीरें लगे पोस्टर ठीक उन पोस्टरों के बगल में लगा दिए हैं
जिन्हें राज्य सरकार ने दंगा आरोपियों की तस्वीर और पहचान सार्वजनिक करते हुए लगाए हैं। समाजवादी पार्टी द्वारा लगाए गए इन पोस्टरों ने प्रदेश की राजधानी के राजनीतिक तापमान को खासा गर्मा दिया है। जानकारों की माने तो प्रदेश भाजपा के कई वरिष्ठ नेता योगी सरकार के इस निर्णय से नाराज हैं। ऐसे नेताओं का मानना है कि राज्य सरकार की एकतरफा कार्यवाही से 2022 में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों में नुकसान होना तय है।