कब टूटेगी लैंगिक विषमता?
महिला प्रीमियर लीग के चैथे संस्करण की नीलामी में वनडे विश्वकप विजेता टीम की हिस्सा रहीं 15 खिलाड़ियों को महज 22.65 करोड़ रुपए में अलग-अलग फ्रेंचाइजियों ने अपनी टीमों का हिस्सा बनाया है। दूसरी तरफ आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी ऋषभ पंत के अकेले की कीमत इनसे ज्यादा है। उन्हें पिछले सीजन में 27 करोड़ रुपए में खरीदा गया था। यानी विश्व चैम्पियन महिला क्रिकेट टीम मिलाकर जितना नहीं कमा रहीं, अकेले पंत उनसे 4.35 करोड़ रुपए ज्यादा कमा ले रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि खेल सिर्फ खेल होता है इसमें महिला-पुरुष होना मायने नहीं रखता। फिर महिलाओं को उसी खेल के लिए पुरुषों के समान फीस क्यों नहीं मिलती? इसका जिम्मेदार कौन है? क्या यही लैंगिक समानता है? क्या यह महिला खिलाड़ियों के साथ भेदभाव नहीं है? आखिर कब मिलेगा लैंगिक असमानता से छुटकारा जैसे कई सवाल खेल प्रेमियों और महिला खिलाड़ियों के मन मस्तिष्क में घूम रहे हैं


महिला प्रीमियर लीग का चैथा संस्करण अगले महीने 9 जनवरी से 5 फरवरी तक नवी मुम्बई और वडोदरा में खेला जाएगा। इसके लिए हुए मेगा ऑक्शन यानी खिलाड़ियों की नीलामी में पांचों फ्रेंचाइजियों ने मिलकर 40.80 करोड़ रुपए खर्च किए और 67 खिलाड़ियों को अपनी टीमों में शामिल किया। इनमें 44 भारतीय और 23 विदेशी खिलाड़ी रहीं। हाल ही में वनडे विश्वकप विजेता टीम की हिस्सा रहीं खिलाड़ियों की बात करें तो 16 में से 15 खिलाड़ी ही इस लीग में खेलती नजर आएंगी। इनकी कुल कीमत 22.65 करोड़ रुपए रही, वहीं इकलौती उमा छेत्री को खरीदार नहीं मिला। अब अगर इसकी तुलना आईपीएल यानी इंडियन प्रीमियर लीग से करें तो पुरुष खिलाड़ियों के मुकाबले उनकी वैल्यू अब भी बहुत कम है। आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी ऋषभ पंत की अकेले की कीमत इनसे ज्यादा है। वे पिछले ऑक्शन में 27 करोड़ रुपए में बिके थे। यानी महिला क्रिकेट टीम की विश्व चैम्पियन15 खिलाड़ी मिलाकर जितना नहीं कमा रहीं, अकेले पंत उनसे 4.35 करोड़ रुपए ज्यादा कमा ले रहे हैं। सवाल है कि खेल सिर्फ खेल होता है इसमें महिला-पुरुष होना मायने नहीं रखता। फिर महिलाओं को उसी खेल के लिए पुरुषों के समान फीस क्यों नहीं मिलती? इसका जिम्मेदार कौन है? क्या यही लैंगिक समानता है? क्या यह महिला खिलाड़ियों के साथ भेदभाव नहीं है?

खेल विशेषज्ञों का कहना है कि खेल जगत में महिला खिलाड़ियों के साथ भेदभाव कोई नई बात नहीं है। दुनियाभर में महिलाओं को मैच फीस, पुरस्कार राशि और सुविधाओं में पुरुष खिलाड़ियों के बराबर अवसर अब भी नहीं मिलते जबकि खेल प्रतिभा का मामला है, न कि लिंग का। यही सवाल लगातार उठता है कि जब खेल एक ही है तो महिलाओं को समान फीस क्यों नहीं मिलती? विरोध भी होते रहे हैं और अब वैश्विक स्तर पर महिला खिलाड़ी इस मुद्दे पर खुलकर आवाज उठा रही हैं। इसी का परिणाम है कि  ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड जैसे देशों में कुछ खेलों में समान फीस लागू है। मगर भारत में स्थिति अपेक्षाकृत अधिक चुनौतीपूर्ण है। यहां महिलाओं को खेल में प्रवेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने तक लगातार संघर्ष करना पड़ता है। बीसीसीआई ने 2022 में महिला क्रिकेटरों को पुरुष खिलाड़ियों के समान मैच फीस देने का निर्णय जरूर लिया, लेकिन असमानता की शिकायतें अब भी सामने आती रहती हैं, वहीं टेबल टेनिस फेडरेशन द्वारा मार्च 2023 से समान फीस लागू करना एक सकारात्मक कदम रहा, पर अधिकांश खेलों में असमानता बनी हुई है।

जानकार यह भी कहते हैं कि भारत में पुरुष क्रिकेट को लगभग ‘धर्म’ जैसा दर्जा प्राप्त है, जिससे अन्य खेल, विशेषकर महिलाओं के खेल, उपेक्षित रह जाते हैं। स्कूल और जिला स्तर पर न तो पर्याप्त प्रतियोगिताएं होती हैं और न ही लड़कियों को प्रोत्साहन मिलता है। सामाजिक रूढ़िवादी सोच भी उन्हें खेलों से दूर रखने का कारण बनती है। मीडिया कवरेज में भी पुरुष खिलाड़ियों का दबदबा है। महिला खिलाड़ियों की खबरें अक्सर ‘अन्य’ श्रेणी में डाल दी जाती हैं। इसका उदाहरण महिला प्रीमियर लीग है, जहां पांच टीमों का कुल पर्स 75 करोड़ रुपए है, जबकि आईपीएल में एक टीम का पर्स ही 120 करोड़ रुपए होता है। ऐसे हालात में टीम मालिक चाहकर भी महिला खिलाड़ियों को पुरुषों जैसी सैलरी नहीं दे पाते। यह आर्थिक असमानता उन लड़कियों और उनके परिवारों को हतोत्साहित करती है जो खेलों में भविष्य बनाना चाहती हैं।
 
वनडे विश्वकप विजेता की खिलाड़ी और उनका प्रदर्शन

दीप्ति शर्मा : वनडे विश्वकप में प्लेयर  ऑफ द टूर्नामेंट रहीं दीप्ति शर्मा को यूपी वाॅरियर्स ने फिर अपनी टीम में शामिल कर लिया। दीप्ति 3.20 करोड़ रुपए में यूपी का हिस्सा बनीं। दीप्ति ने हाल ही में वनडे विश्वकप टूर्नामेंट के 9 मैचों में 22 विकेट लेने के साथ 215 रन भी बनाए थे। वे टूर्नामेंट की टाॅप विकेट टेकर रहीं, वहीं महिला प्रीमियर लीग में उनके नाम अब तक 25 मैचों में 507 रन और 27 विकेट हैं।

श्री चरणी : विश्वकप में भारत की दूसरी सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली लेफ्ट आर्म स्पिनर श्री चरणी को 1.30 करोड़ रुपए में फिर से दिल्ली कैपिटल्स ने खरीद लिया। विश्वकप में चरणी ने  9 मुकाबलों में 14 विकेट हासिल किए। वीपीएल में अब तक उन्होंने 2 मैचों में 4 शिकार किए हैं।]

अरुंधति रेड्डी : विश्वकप विनर अरुंधति रेड्डी को 75 लाख रुपए में राॅयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने खरीदा है। रेड्डी को विश्वकप में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन उन्होंने सब्स्टिट्यूट फील्डर बनकर कुछ अहम कैच जरूर पकड़े। अरुंधति मीडियम पेस बाॅलिंग करने के साथ लोअर ऑर्डर में जरूरत पड़ने पर बैटिंग भी कर लेती हैं। बीपीएल में उनके नाम 20 मैचों में 14 विकेट हैं।

राधा यादव : लेफ्ट आर्म स्पिन बाॅलिंग ऑलराउंडर राधा यादव को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 65 लाख रुपए में खरीदा। वे पिछले 3 सीजन दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा रही थीं। विश्वकप के 3 मुकाबलों में राधा ने 4 विकेट लिए। उन्होंने आखिरी ग्रुप स्टेज मैच में 3 विकेट लेकर भारत को जीत दिलाई थी। राधा विमेंस क्रिकेट की टाॅप फील्डर भी हैं। इनके नाम वीपीएल में 20 मैचों में 74 रन और 14 विकेट हैं।

रेणुका सिंह : विश्वकप में भारत के लिए बाॅलिंग की शुरुआत करने वाली रेणुका सिंह को गुजरात जायंट्स ने 60 लाख रुपए में खरीदा। वे पिछले सीजन राॅयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का हिस्सा थीं। विश्वकप के 6 मैचों में रेणुका 3 विकेट ही निकाल सकी थीं, लेकिन टी-20 में वे अपनी स्विंग से बैटर्स को खराब शाॅट खेलने के लिए मजबूर कर देती हैं। वीपीएल की बात करें तो उनके नाम 23 मैचों में 13 विकेट हैं।’

क्रांति गौड़ : गेंदबाजी की शुरुआत करने वाली तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ को 50 लाख रुपए में  यूपी वाॅरियर्स ने फिर अपना हिस्सा बनाया। विश्वकप के 8 मुकाबलों में उन्होंने 5.73 की इकोनाॅमी से रन खर्च कर 9 विकेट लिए थे। वे वीपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद ही टीम इंडिया में जगह बना सकी थीं। इस लीग में उन्होंने 8 मैचों में 6 विकेट लिए हैं।

प्रतिका रावल : विश्वकप में स्मृति मंधाना के साथ भारत को मजबूत शुरुआत दिलाने वाली प्रतिका रावल को तीसरे राउंड में यूपी ने 50 लाख रुपए में खरीदा। विश्वकप में ग्रुप स्टेज तक उन्होंने 7 मैच खेले और 51 से ज्यादा की औसत से 308 रन बनाए। वनडे क्रिकेट में उनके नाम 24 मैचों में 1110 रन हैं। प्रतिका 2026 में बीपीएल डेब्यू करेंगी।

हरलीन देओल : मध्यक्रम की बल्लेबाज हरलीन देओल 50 लाख रुपए में यूपी वॉरियर्स का हिस्सा बनीं। विश्व कप के 7 मैचों में उन्होंने 33.80 की औसत से 169 रन बनाए थे। हालांकि खराब स्ट्राइक रेट के कारण वे नॉकआउट मुकाबलों से बाहर हो गईं। बीपीएल में अब तक 20 मैचों में 115.59 की स्ट्राइक रेट से 482 रन अपने नाम दर्ज करा चुकी हैं।

स्नेह राणा :  ऑफ स्पिन ऑल राउंडर स्नेह राणा को दिल्ली कैपिटल्स ने 50 लाख रुपए में खरीदा। विश्वकप के 6 मैचों में स्नेह ने 99 रन बनाने के साथ 7 विकेट भी लिए। ग्रुप स्टेज में उनकी बाॅलिंग ने ही भारत को टूर्नामेंट में बनाए रखा, लेकिन आखिरी मुकाबलों में राधा यादव ने उन्हें रिप्लेस कर दिया। वुमेंस लीग में आरसीबी और गुजरात से खेल चुकी हैं और उनके नाम 17 मैचों में 74 रनों के साथ 12 विकेट भी हैं।

उमा छेत्री : विकेटकीपर बैटर उमा छेत्री को महिला प्रीमियर लीग  ऑक्शन में कोई खरीदार नहीं मिला। उनकी बेस प्राइस 50 लाख रुपए थी, लेकिन किसी भी टीम ने उन्हें खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। विश्वकप में वे एक ही मैच खेल सकीं, लेकिन उनकी बैटिंग नहीं आई। वे भारत के लिए 7 टी-20 में 37 रन बना चुकी हैं। बीपीएल में यूपी से खेलते हुए उनके नाम 9  मैचों में 80 रन हैं।
 
रिटेन की गई खिलाड़ी

स्मृति मंधाना : भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप कप्तान और विश्वकप में भारत की टाॅप रन स्कोरर स्मृति मंधाना  ऑक्शन में उतरी ही नहीं। वो राॅयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तान भी हैं। उन्हें राॅयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 3.50 करोड़ रुपए में रिटेन कर लिया था। वे पहले ऑक्शन में 3.40 करोड़ रुपए में बिकी थीं। उनसे ज्यादा बोली अब तक किसी भी महिला खिलाड़ी पर नहीं लगी है। विश्वकप के 9 मैचों में मंधाना ने 434 रन बनाए थे। बीपीएल इतिहास में उनके नाम 26 मैचों में 646 रन हैं।

हरमनप्रीत कौर : भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को मुम्बई इंडियंस ने रिटेन कर लिया था। वे 2.50 करोड़ रुपए में 2 बार की चैम्पियन मुम्बई का हिस्सा रहीं। हरमन की कप्तानी में ही भारत ने एकदिवसीय विश्वकप जीता। हरमन ने टूर्नामेंट के 9 मैचों में 32.50 की औसत से 260 रन बनाए थे। इनमें  ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में 89 रन की अहम पारी भी शामिल रही। बीपीएल में भी वो 27 मैचों में 851 रन बना चुकी हैं।

जेमिमा रोड्रिग्ज : विश्वकप सेमीफाइनल में  ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक लगाकर भारत को जिताने वाली जेमिमा रोड्रिग्ज को दिल्ली कैपिटल्स ने रिटेन कर लिया है। उनकी कीमत 2.20 करोड़ रुपए है। उन्होंने शुरुआती तीनों सीजन भी दिल्ली से ही खेले थे। विश्वकप के 8 मैचों में  एक शतक और एक अर्धशतक की बदौलत उन्होंने 292 रन बनाए तो वहीं बीपीएल इतिहास में अब तक 27 मैचों में 507 रन बना चुकी हैं।

शेफाली वर्मा : विश्वकप सेमीफाइनल में चोटिल हुई प्रतिका रावल की जगह टीम का हिस्सा बनी शेफाली वर्मा को भी दिल्ली कैपिटल्स ने 2.20 करोड़ रुपए में रिटेन किया। शेफाली पहले विश्वकप टीम का हिस्सा नहीं थीं। प्रतिका की इंजरी ने उन्हें खेलने का मौका दिया। शेफाली सेमीफाइनल में तो कुछ खास नहीं कर सकीं, लेकिन फाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 87 रन बना दिए। इतना ही नहीं, उन्होंने गेंदबाजी से 2 विकेट भी लिए। अब वे लगातार चौथा सीजन दिल्ली से खेलेंगी। बीपीएल में उनके नाम 27 मैचों में 865 रन हैं।

ऋचा घोष : विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष को राॅयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 2.75 करोड़ रुपए में रिटेन किया। विश्वकप के 8 मैचों में उन्होंने 133.52 के स्ट्राइक रेट से 235 रन बनाए थे। इनमें साउथ अफ्रीका के खिलाफ ग्रुप स्टेज में 94 रनों की अहम पारी भी शामिल रही। ऋचा ने टूर्नामेंट में 23 चैके और 12 छक्के लगाए थे। उनका बीपीएल करियर देखें तो 26 मैचों में 625 रन बना चुकी हैं।

अमनजोत कौर : ऑल राउंडर अमनजोत कौर को मुम्बई इंडियंस ने 1 करोड़ रुपए में रिटेन किया। अमनजोत ने ही विश्वकप सेमीफाइनल में  ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विनिंग बाउंड्री लगाई थी। टूर्नामेंट के 7 मैचों में उनके नाम 146 रन बनाने के साथ 6 विकेट भी रहे। वे बैटिंग करने के साथ नई गेंद से बाॅलिंग भी कर लेती हैं और महिला प्रीमियर लीग में 29 मैचों में 209 रनों के साथ 5 विकेट  उनके नाम दर्ज हैं।

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