वर्तमान में यदि विकास का मूल्यांकन किया जाए तो श्रीमती पार्वती दास जी ने 2023 में विधानसभा में विधायक के रूप में जीत हासिल की। यह एक तरह से दुर्भाग्यपूर्ण क्षण भी रहा क्योंकि हमारे बड़े भाई जैसे स्व. चंदन राम दास जी के साथ अचानक जो घटना हुई उससे क्षेत्र को गहरा आघात पहुंचा। यदि वे पांच या उससे अधिक वर्ष और रहते तो शायद बागेश्वर के लिए कुछ कर पाते, ऐसी हमारी अपेक्षाएं थीं। परंतु उससे पहले भी बहुत कुछ नहीं हो पाया, यह हमारी एक शिकायत भी रही है। विधायक श्रीमती पार्वती दास जी के बारे में मैं यह कहना चाहूंगा कि वे जितना प्रयास करती हैं, उतनी ही ताकत के साथ उन्हें विधानसभा में खड़ा नहीं किया जाता।

बागेश्वर एक नम्बर के रूप में विधानसभा है, भारतीय जनता पार्टी का नम्बर है इसके बावजूद बागेश्वर के विकास के बारे में कोई गम्भीरता से नहीं सोचता।

अगर बागेश्वर के विभिन्न क्षेत्रों को देखें तो बरसात के मौसम में नदी-नालों और रास्तों में पूरा पानी भर जाता है। यहां बार-बार आपदाएं आती हैं लेकिन अभी तक बागेश्वर विधानसभा के लिए कोई ठोस सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं। विधायक के कार्यों में भी श्रीमती पार्वती दास जी को गाइड करने वाले बहुत से लोग हैं। वे स्वयं विधायक के रूप में सब कुछ कर पाने में सक्षम हैं, ऐसा मुझे नहीं लगता।

मैं यह इसलिए कह रहा हूं क्योंकि पार्वती दास जी के बेटे और भारतीय जनता पार्टी के अन्य कार्यकर्ता भी उन्हें गाइड करते हैं और उनके द्वारा ध्यान देना चाहिए लेकिन बागेश्वर में गरुड़ से शिव सिंह बिष्ट जी को मंत्री पद दिया गया है, इसलिए ज्यादातर चीजें उनके हिसाब से चलती हैं। इसी कारण हमें जमीनी स्तर पर विकास दिखाई नहीं देता।

शिक्षा और स्वास्थ्य, दोनों ही क्षेत्रों की स्थिति चिंताजनक है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में तो हालात काफी खराब हैं। आजकल सुनने में आ रहा है कि जिला अस्पताल में कई घटनाएं हो रही हैं, लेकिन जिला प्रशासन इन पर बेहतर तरीके से संज्ञान नहीं ले रहा है। अगर हम अपने क्षेत्र की बात करें तो मंडलसेरा, कुंती गधेरा, भागीरथी गधेरा, यहां जितने भी प्रोजेक्ट हमें बताए गए थे, किसी पर भी इनिशिएटिव लेने का भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अभी तक कोई भी प्राास नहीं किया है।

You may also like

MERA DDDD DDD DD