1984 सिख विरोधी दंगा मामले में आजीवन कारावास की सजा पाए पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार ने नाती-पोतों का हवाला देते हुए समर्पण करने के लिए 30 दिन की मोहलत देने की दिल्ली हाई कोर्ट से मांग की थी, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बड़ा झटका देते हुए सज्जन कुमार की सरेंडर के लिए एक महीने की मोहलत देने की मांग खारिज कर दी है। ऐसे में अब सज्जन को 31 दिसंबर तक कोर्ट में सरेंडर करना ही होगा।