नैनीताल जिले की भीमताल विधानसभा, जो 2012 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई, आज भी विकास और मूलभूत सुविधाओं के बीच जूझती नजर आती है। पहाड़, पर्यटन और बागवानी की अपार सम्भावनाओं वाले इस क्षेत्र में सड़क, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतें अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे में स्थानीय विधायक और धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, जिन्होंने 2017 में निर्दलीय और 2022 में भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की। एक ओर मजबूत राजनीतिक पकड़ बनाए हुए हैं और जनता का एक वर्ग उनके समर्थन में नजर आता है तो दूसरी तरफ उनके कार्यकाल को लेकर क्षेत्र में भारी असंतोष और सवाल भी लगातार उभरते दिखाई देते हैं
नैनीताल जिले की भीमताल विधानसभा सीट उन सीटों में शामिल है जहां के वर्तमान विधायक राम सिंह कैड़ा भाजपा की राजनीतिक पाठशाला से दीक्षित होकर नहीं निकले हैं। भीमताल विधानसभा सीट परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई। पहले इस विधानसभा का एक बड़ा क्षेत्र धारी विधानसभा के अंतर्गत आता था। परिसीमन के बाद इस विधानसभा के अंतर्गत भीमताल विकास खंड, धारी ओखलकांडा और रामगढ़ विकासखंड शामिल किए गए।
विधानसभा क्षेत्र में दूरस्थ ओखलकांडा ब्लाॅक है और पर्यटन और उद्यान क्षेत्र के रूप में प्रसिद्ध रामगढ़ ब्लाॅक भी इसमें शामिल है जिसे कुमाऊं का फल कटोरा कहा जाता है। इस विधानसभा में छोटे-बड़े गांव हैं, आड़ू, सेब और खुमानी की बागवानी और प्राकृतिक सुंदरता के लिए यह प्रसिद्ध है। ख्याति प्राप्त कवियत्री साहित्यकार महादेवी वर्मा की साहित्यिक सृजन पीठ भी यहां स्थापित है। 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव जीतकर विधायक बनने वाले रामसिंह कैड़ा 2022 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ दोबारा विधानसभा पहुंचे। 2022 के चुनाव में राम सिंह कैड़ा को 25,632 वोट, कांग्रेस प्रत्याशी दान सिंह भंडारी को 15,728 वोट मिले और निर्दलीय लड़े लाखन सिंह नेगी तीसरे स्थान पर रहे थे।
2017 से 2026 तक के साढ़े नौ साल के दौरान भीमताल विधानसभा क्षेत्र के कई इलाके आज भी विकास की राह देख रहे हैं। विकास के किए गए कई बड़े दावे धरातल पर नजर नहीं आते। सड़क, बिजली, पानी और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं के लिए क्षेत्र के लोग आज भी संघर्ष कर रहे हैं। ‘दि संडे पोस्ट’ की जमीनी पड़ताल में इस विधानसभा की मिलीजुली तस्वीर नजर आती है। भीमताल विधानसभा का एक बड़ा हिस्सा आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है जिनमें कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा का गृह क्षेत्र ओखलकांडा सबसे पिछड़ा है। सड़क की कनेक्टिविटी ना होने से आज भी लोग 5 से 10 किलोमीटर का सफर पैदल तय करते हैं। पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं, पलायन, कृषि क्षेत्र में पानी की किल्लत और जंगली जानवरों का भय और बेरोजगारी जैसी मूलभूत समस्याएं आज भी बनी हुई हैं। भीमताल नगर, पदमपुरी, धारी, खुटानी, मेहरा गांव, धानाचुली, लदफोड़ा, कस्यालेख, मझेड़ा, चैखुटा, भटेलिया, ओखलकांडा, तल्ला खनस्यू, अचलौना, पनियाली लेटिबुंगा, सुनकिया, उमागढ़, रामगढ,़ पोखराड़, बुरासी सहित कई गांवों के साथ ही विकासखंड भीमताल, धारी ओखलकांडा क्षेत्रों में राम सिंह कैड़ा द्वारा कराए गए कार्यों की मिली-जुली तस्वीर पेश करता है। शायद यही राम सिंह कैड़ा के प्रति नाराजगी का सबब भी बन रहा है।
भीमताल विधानसभा क्षेत्र के बहुत से लोगों का मानना है कि डबल इंजन सरकार होने के बावजूद विकास का जितना दावा किया गया था, उस पैमाने पर विकास नहीं हुआ। धारी ब्लाॅक के अंतर्गत ग्राम पंचायत पनियाली की क्षेत्र पंचायत सदस्य दीपा आर्य का कहना था कि 10-11 सालों से यहां की सड़क का कार्य नहीं हो पाया था। पहले ग्राम पंचायत पनियाली मुख्य मोटर का मार्ग से कनेक्ट था। यह सड़क लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई जानी थी लेकिन अब इसे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) में डाल दिया गया है जिसके लिए 5 किलोमीटर तक वित्तीय स्वीकृति मिली है जो पनियाली से जिलिंग तक ही जा पाएगी। अभी तक विधायक के माध्यम से कुछ भी नहीं हुआ है। यहां के आंगनबाड़ी केंद्र भी क्षतिग्रस्त हैं। बच्चों को किचन में पढ़ना पड़ता है। जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर नल’ योजना के तहत अभी तक धरातल पर कुछ नहीं हुआ है जबकि 2029 तक इसको पूर्ण रूप से केंद्र सरकार की तरफ से प्रस्तावित होने का लक्ष्य रखा गया है।
दूसरी तरफ नौकुचियाताल निवासी अनिल चनौतिया कहते हैं कि 2017 के बाद भीमताल विधानसभा के दूरस्थ गांवों में सड़कें पहुंचाने का काम हुआ है। मंदिरों और तालाबों के आस-पास सौंदर्यीकरण के लिए अच्छी-खासी राशि उपलब्ध करवाई गई है। नौकुचियाताल में हेलीपोर्ट का निर्माण करवाया गया जिसके चलते देहरादून और पंतनगर से यहां की एयर कनेक्टिविटी हो गई है, अभी 15 अप्रैल से दो नई हेली सेवाएं शुरू की गई हैं। विद्यालयों की दशा सुधरी है, नई कक्षाओं का निर्माण पूरे क्षेत्र में करवाया गया है। विधायक निधि के माध्यम से स्मार्ट कक्षाओं में सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। भीमताल नगर पंचायत को लम्बे समय से नगर पालिका घोषित करने की मांग पूरी हो गई है।
चकबहेड़ी घोड़ाखाल के वार्ड सदस्य हीरालाल चौनियाल के अनुसार भीमताल विनायक वाली रोड मुख्य मार्ग से जोड़ते हुए हैड़िया गांव, बेड़िया गांव, धूरा, धुलई, दूनी, घोड़ाखाल मंदिर तक जाती है। 10 साल पहले कागजों में डामरीकरण दिखाया गया लेकिन धरातल में कुछ भी नहीं हुआ। ‘जल जीवन मिशन’ के अंतर्गत मेहरा गांव धुलई में अभी भी पेयजल की किल्लत है। गांव को पानी समय पर नहीं मिलता है। भीमताल, भवाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में व्यवस्था सुचारू नहीं है। अल्ट्रासाउंड मशीन होने के बाद भी पूर्णकालिक टेक्नीशियन नहीं है। एक ही टेक्नीशियन कई स्थानों पर जाते हैं। क्षेत्र में सोलर लाइट की भी उपलब्धता नहीं है।
मझेड़ा गांव के अरुण कहते हैं कि धारी के मुख्य मार्ग से लिंक रोड कसियालेख की सड़क बदहाल है। पदमपुरी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी हाल ठीक नहीं है।
धारी ब्लाॅक के ग्राम मटियाली निवासी नंदलाल का कहना है खुटानी से धनाचूली होते हुए अल्मोड़ा, देवीधूरा, पिथौरागढ़ धारचूला को जाने वाला मुख्य मार्ग बदहाल स्थिति में है। कई बार रोड के गड्ढ़ों को भरा गया लेकिन दो माह में वह पुरानी स्थिति में आ गए। उनका कहना है कि खेती करने में बहुत संघर्ष है। जंगली जानवरों और बंदरों के चलते खेती करना बहुत दूभर हो गया है। न तो सरकार ही इस ओर ध्यान दे रही है न ही स्थानीय जनप्रतिनिधि। इस कथन के ठीक विपरीत ओखलकांडा के रवि गोस्वामी का कहना है कि 2017 से विधायक चुने जाने पर राम सिंह कैड़ा ने सबसे पहले काम किया कि दूरस्थ गांव और तोकों को सड़कों से जोड़ने का किया ताकि लोगों को सुगम यातायात सुलभ हो। बड़ी संख्या में सड़कों पर काम हुआ जिससे लोगों को खच्चर और घोड़े से सामान लाना पड़ता था उसमें सुविधा मिली।
ग्राम मझेड़ा पोखराड़ के राम सिंह ने बताया कि कसियालेख मार्ग की सड़क का हाल बेहाल है जो भाटेलिया मुक्तेश्वर रामगढ़ को जोड़ती है। यहां पर वाटरफाॅल सहित कई पर्यटक स्पाॅट हैं लेकिन उनका समुचित विकास नहीं किया जा रहा है जबकि पर्यटकों की यहां पर आवाजाही अच्छी है।
धानाचूली के पूर्व प्रधान गणेश राम का कहना है कि बाहरी लोगों द्वारा यहां पर जमीनों को कब्जा कर उत्पीड़न किया जा रहा है। पहाड़ों में फसलों में मिलने वाली बीमा दरों में भी कटौती की जा रही है।
धानाचूली के समीप पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त है, 20-22 परिवार यहां रहते हैं लेकिन देखने वाला कोई नहीं है। खनस्यूं (साल) की ग्राम प्रधान पूजा आर्या का कहना है कि पानी की बहुत किल्लत है। गौला नदी से पम्पिंग योजना पर काम चल रहा है। तीन-चार साल हो गए लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। खनस्यूं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी सुविधा पूर्ण रूप से संचालित नहीं है।
ग्राम ओखलकांडा मल्ला के भाजपा मंडल महामंत्री दीपक बर्गली का कहना है कि ‘हर घर नल जल योजना’ के अंतर्गत ग्राम पंचायत ओखलकांडा मल्ला में ठेकेदार और विभागीय कर्मचारियों द्वारा अनियमितताएं की जा रही हैं जिसकी शिकायत उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को की है।
ओखलकांडा मल्ला के स्थानीय निवासी
सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश चंद्र नैनवाल कहते हैं कि आज भ्रष्टाचार चरम पर है। ओखलकांडा तोक ओसड़ा से सीन तक ढाई किलोमीटर रोड ग्राम पंचायत विकास निधि से काटी गई जिसमें 16 लाख का भुगतान किया गया। ये सड़क आज भी अधर में लटकी हुई है। इसमें पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। इसी मार्ग पर मंडी समिति द्वारा भी 10 लाख का भुगतान कर दिया गया जिसका बजट 20 लाख रखा गया है। इस अनियमित के संदर्भ में पंचायतीराज निदेशक निधि यादव को भी पत्र भेजकर, दूरभाष से भी अवगत कराया गया जिसमें पूर्व प्रधान व विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से ये कार्य किया गया है लेकिन इस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
2017 के बाद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के माध्यम से कई सड़कों पर काम हुआ और स्वीकृति मिली। जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर नल योजना द्वारा हर घर पर नल पहुंचे हैं और जहां-जहां स्रोतों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा सकता है पहुंचाया गया है। गौनियारो, अधौड़ा और ककोड़ ग्रामसभा में नए मोबाइल टावर लगे हैं, वहीं मोबाइल कनेक्टिविटी मजबूत हुई है और कई मोबाइल टावरों की रेंज में वृद्धि की गई है। प्राइमरी स्कूल में अध्यापकों की कोई कमी नहीं है इंटर काॅलेज में कहीं-कहीं शिक्षकों की कमी जरूर है, कहीं पर प्राचार्य नहीं है। उसके लिए मंत्री पूरे प्रयास कर रहे हैं। देखा गया है कि पहाड़ों से अध्यापकों का मैदानी क्षेत्र में अटैचमेंट किया गया है, उनका सम्बद्धिकरण खत्म किया जाना चाहिए। अब दूरस्थ इलाकों में पर्यटन के लिए पैसा आने लगा है। मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए जगह-जगह पैसा उपलब्ध कराया गया है। पहले विधायक निधि के बोर्ड क्षेत्र में बहुत कम दिखते थे, लेकिन राम सिंह कैड़ा के आने के बाद विधायक निधि का पैसा क्षेत्र के विकास के लिए भरपूर आ रहा है और आपको विधायक निधि के कई बोर्ड लगे हुए दिख जाएंगे।
ग्राम उमागढ़ रामगढ़ के स्थानीय निवासी ललित मोहन जोशी का कहना है मल्ला रामगढ़ देवीधार से उमागढ़ के लिए 2 किलोमीटर रोड 2015 में लोक निर्माण विभाग द्वारा काटी गई थी। उसके बाद उसमें कोई कार्य नहीं किया गया। इस बीच पुल भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कोई भी सुधारीकरण और डामरीकरण आज तक नहीं हुआ है। विधायक जी से कई बार कहा गया लेकिन धरातल में अब तक कोई काम नहीं हो पाया। भीमताल विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। अस्पतालों में उपलब्ध उपकरणों का पूर्ण रूप से संचालन न होने से यहां के आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हरिदत्त बहुगुणा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओखलकांडा के चिकित्सा अधिकारी
डाॅ. अवनीश कुमार दीवान बताते हैं कि एक्स-रे मशीन तो है लेकिन टेक्निकल फाल्ट के चलते काफी समय से बंद अवस्था में है और अल्ट्रासाउंड के लिए एनजीओ के माध्यम से कैम्प लगाकर गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया जाता है। वो बताते हैं कि महिला स्टाफ तो पूर्ण रूप से है और संस्थान द्वारा दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाती हैं लेकिन टेक्नीशियन की कमी के चलते कुछ परेशानियां हैं जिसमें सरकार को ध्यान देने की जरूरत है। स्वास्थ्य केंद्र खुद भी पानी की समस्याओं से जूझ रहा है। 1990 में स्थापित रोडवेज बस स्टेशन रामगढ़ की स्थिति खराब है। लोग कहते हैं कि स्टेशन कम और गौशाला ज्यादा बन गया है। अब इसकी सुधबुध लेने वाला कोई नहीं है।
बात अपनी-अपनी
हर दृष्टि से विफल हैं कैड़ा भीमताल विधानसभा क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या जंगली जानवर हैं। इसके चलते कई लोगों ने खेती करना ही छोड़ दिया है। पूरा क्षेत्र जानवरों के आतंक से त्रस्त है। रामगढ़, मुक्तेश्वर, धानाचूली और धारी पर्यटन क्षेत्र हैं। पर्यटन सीजन और वीकेंड में यहां कई किलोमीटर का जाम लगता है। खराब सड़कों के चलते पर्यटकों का अनुभव बहुत खराब रहा है। खराब सड़कों की हालत के चलते फलों की गाड़ियां समय पर मंडी तक नहीं पहुंच पाती, गम्भीर मरीजों को इलाज समय पर नहीं मिल पाता। जो वादे विधायक जी ने किए थे या एक जनप्रतिनिधि होने के नाते भीमताल विधानसभा क्षेत्र के प्रति जो उनका उत्तरदायित्व था उसमें वह किसी भी दृष्टि से अपना दायित्व निभाने में सफल नहीं रहे। वह अपने गृह क्षेत्र का ही विकास नहीं कर पाए तो पूरी विधानसभा क्षेत्र के लिए उनसे क्या अपेक्षा करें।
लाखन सिंह नेगी, पूर्व ब्लाॅक प्रमुख, रामगढ़
जवाबदेही से कतराते हैं विधायक
हमने अपने 5 साल में जो कार्य किए उनमें रामगढ़ और पतलोट में डिग्री काॅलेज, ओखलकांडा ब्लाॅक के खन्स्यूं में तहसील खोली, एक महत्वपूर्ण सड़क थी सिमलिया-सालनी सड़क जैसी योजनाएं बनवाई। जो व्यक्ति पटलोट आदौड़ा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से आते थे, उनको हल्द्वानी आने में तीन-चार घंटे लगते थे लेकिन अब मात्र दो से ढाई घंटे में आप इन क्षेत्रों से हल्द्वानी पहुंच रहे हैं। 15 स्कूलों का उच्चीरण किया, 12 स्कूलों में पदसृजित करवाए। कई महत्वपूर्ण कार्य किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश प्रगति कर रहा है लेकिन भीमताल विधानसभा क्षेत्र में विधायक इस अवसर का लाभ उठाते नजर नहीं आते। केंद्र और राज्य पोषित योजनाओं से काम हुए हैं। लेकिन विधायक स्तर पर जो कार्य होने चाहिए थे, कहीं नजर नहीं आते। मल्ला से खनस्यूं तक शहीद सैनिक इंदर सिंह बर्गली के नाम से सड़क की घोषणा तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने की थी लेकिन आज इतना समय हो गया और सड़क भी नहीं बनी। पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। आपको जनता के बीच में जाकर जानना चाहिए। जनता खुद बताएगी कि विधायक ने क्या किया क्या नहीं। पानी की स्थिति की तो बात ही क्या करें ‘हर घर जल, हर घर नल’ योजना में सिर्फ नल लगे हैं पानी नहीं है। जनप्रतिनिधि जवाबदेही से बचना चाहते हैं। भीमताल विधानसभा क्षेत्र की योजनाएं भ्रष्टाचार की शिकार हैं।
दानसिंह भण्डारी, पूर्व विधायक भीमताल, भाजपा नेता
जनअपेक्षाओं में खरे नहीं उतरे हैं कैड़ा
सरकार के रूप में हम आकलन करें तो 9 सालों में बहुत अच्छे काम हुए हैं और बहुत सी योजना लागू की गई हैं और धरातल पर नजर भी आ रही हैं। लेकिन इसके विपरीत स्थानीय स्तर पर जो काम होने चाहिए थे और जो स्थानीय प्रतिनिधियों के द्वारा होने चाहिए थे उनमें वह विजन नहीं दिखाई दिया कि हमको क्या करना है। सरकार को प्राथमिकताएं तो माननीय विधायक गण ही देंगे कि कहां पर विद्यालयों का उच्चीकरण होना है, कहां पर सड़क का काम होना है, कहां पर खेल के मैदान बनने हैं या कौन सा हाॅस्पिटल उच्चीकृत होना है या कौन सा नया हाॅस्पिटल बनना है। हम जो पहले चरण देखते हैं कि सरकार के कामों का आकलन करेंगे तो बहुत बढ़िया है लेकिन स्थानीय प्रतिनिधियों की भूमिका का आकलन करें तो स्थानीय प्रतिनिधि अपेक्षा पर उतने खरे नहीं उतरे। पिछले लगभग 10 सालों में किसी भी विद्यालय का उच्चीकरण नहीं हुआ, किसी अस्पताल का उच्चीकरण नहीं हुआ। जो मूलभूत सुविधाएं हैं वह नगण्य हैं। सरकार द्वारा नई सड़कें तो स्वीकृत की गईं लेकिन जो पुरानी सड़कें थी, जिनके प्रस्ताव दिए जाने चाहिए थे, किसी कारण से स्थानीय जनप्रतिनिधि द्वारा उनका प्रस्ताव नहीं दिया गया। पहले से निर्मित सड़कों का पुनर्निर्माण भी जरूरी है। किसी भी क्षेत्र का विकास राज्य सरकार तो करती ही है लेकिन हमारे जनप्रतिनिधि जितने जागरूक होंगे और जितना अधिक संघर्ष करेंगे उससे क्षेत्र को फायदा ज्यादा होता है। अपनी सरकार से बार-बार कहना पड़ता है, अधिकारियों से कहना पड़ता है, तब विकास दिखता है, तब विद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों का उच्चीकरण स्टाफ की व्यवस्था होती है, वहां पर जितनी गम्भीरता से प्रयास होने चाहिए थे उतनी गम्भीरता से प्रयास नहीं हो पाए। मेरे कार्यकाल में 22 विद्यालय और तीन हाॅस्पिटल बने, 18 जूनियर हाई स्कूल का उच्चीकरण हुआ और खेल के मैदान बने।
गोविंद सिंह बिष्ट, वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री
हर घर शराब पहुंचाना है विधायक की उपलब्धि
भीमताल विधानसभा का यह बड़ा दुर्भाग्य है कि 10 साल से यहां ऐसे विधायक हैं जिनका कार्यकाल
निराशाजनक और जनता को ठगने वाला रहा। उन्होंने कहा था कि जब मैं विधायक बनूंगा तो काठगोदाम से ऊपर शराब की दुकान नहीं खुलने दूंगा लेकिन उनके कार्यकाल में घर-घर नशा पहुंच गया है खन्स्यूं जैसे क्षेत्र में बार खुल गया। भीमताल विधानसभा क्षेत्र के हरीशताल क्षेत्र में जहां लोहाखान ताल भी आता है वहां प्राइमरी विद्यालय बंद हो गया। विधायक जी के अपने गृह क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षक नहीं हैं। कैड़ा गांव जो कि विधायक जी का अपना मूल गांव है वहां के लोग चम्पावत जिले के स्कूलों में पढ़ने जाते हैं। ये अपने गृह क्षेत्र में शिक्षा की व्यवस्था नहीं कर पाए। डालकन्या में न डाॅक्टर हैं, न फार्मासिस्ट हैं। भवन जीर्णशीर्ण है। यही हाल जोश्यूड़ा का भी है। इन्होंने वादा किया था कि रामगढ़ और धारी के बीच एक मंडी खोलेंगे। मंडी नहीं खुली। इन 9 सालों में विधायक ने सिर्फ अपना विकास किया है।
हरीश पनेरू, राज्य आंदोलनकारी और कांग्रेस नेता
विजन की कमी है विधायक में
विकास की बात करूं तो यह अभी पिछड़ा ही क्षेत्र है। यहां पर मानव वन्य जीव संघर्ष के अलावा सड़क, पानी और मोबाइल कनेक्टिविटी की समस्या है। पटलोट और खनस्यूं वाले क्षेत्र में सड़कों की स्थिति ठीक नहीं है। धारी, रामगढ़, ओखलकांडा, भीमताल ब्लाॅक में अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं की नितांत कमी है। शिक्षा व्यवस्था के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं है। विधायक जी कहते हैं, मैंने 400 से अधिक सड़कें काट दी। आपने 400 सड़कें काट दी लेकिन क्या 400 सड़कें दुरुस्त हैं? आधे अधूरे कामों के चलते भूस्खलन हो रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ की कमी है। एक्सरे की मशीन है तो उसमें टेक्नीशियन नहीं है और कहीं मशीन खराब है। कई जगह विद्यालयों में अध्यापक नहीं हैं, कहीं विषय नहीं हैं। पर्यटन के लिए लोग आते हैं लेकिन लम्बे जाम की वजह से सारी व्यवस्थाएं फेल हो जाती हैं।
चन्दन नयाल, सामाजिक कार्यकर्ता, भीमताल
बदहाल है भीमताल
पूरे विधानसभा क्षेत्र में विकास के नाम पर सिर्फ मजाक हुआ है। हरीशताल वाली रोड की हालत खस्ता है। सुधार के नाम पर जो काम किया गया उससे लगता है कि ये सड़क कच्ची ही ज्यादा अच्छी थी। हल्द्वानी से धानाचूली रोड के खुटानी से हालत खराब हैं। नाथूवाखान से हरतोला वाली रोड का बुरा हाल है और आंतरिक सड़कों की दुर्दशा को कोई सुनने वाला ही नहीं है। यह मुख्य रोड की बात कर रहा हूं जो पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
हरीश लोधियाल, उत्तराखण्ड क्रांति दल
भीमताल विधानसभा 2026 – विधायक रिपोर्ट कार्ड
विधायक: राम सिंह कैड़ा (अवधि: 4 वर्ष)
क्र. क्षेत्र मुद्दा / जमीनी स्थिति अंक (10 में)
- सड़क व सम्पर्क मार्ग कई नई सड़कें बनीं, लेकिन कई मुख्य व लिंक रोड बदहाल, अधूरे/कागजी काम के आरोप 4/10
- स्वास्थ्य सेवाएं सीएचसी/पीएचसी मौजूद, पर टेक्नीशियन व विशेषज्ञों की कमी, मशीनें उपयोग में नहीं 4/10
- शिक्षा व उच्च शिक्षा स्कूलों में कुछ सुधार, लेकिन इंटर काॅलेजों में शिक्षकों व प्राचार्यों की कमी 5/10
- रोजगार व उद्योग पर्यटन व बागवानी क्षमता के बावजूद स्थानीय रोजगार सीमित 4/10
- पलायन व युवा स्थिति दूरस्थ क्षेत्रों से पलायन जारी, अवसरों की कमी 3.5/10
- कृषि व आजीविका जंगली जानवरों से खेती प्रभावित, जल संकट से कृषि कमजोर 3.5/10
- प्रशासनिक व योजनाओं का क्रियान्वयन योजनाएं आईं, लेकिन अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप 3.5/10
- पेयजल व मूलभूत सुविधाएं ‘हर घर नल’ आंशिक, कई जगह पानी की किल्लत जारी 4/10
- कनेक्टिविटी व इंफ्रास्ट्रक्चर मोबाइल टावर व हेलीपोर्ट जैसी पहल, लेकिन असमान विकास 5/10
- जनसम्पर्क व राजनीतिक सक्रियता विधायक सक्रिय, लेकिन कामों की मिली-जुली छवि, नाराजगी भी मौजूद 5/10
औसत : 4.1/10 फाइनल ग्रेड : पास
जीर्ण-शीर्ण हालत में रामगढ़ ब्लॉक का उत्तराखण्ड परिवहन निगम, रामगढ़ रोडवेज बस स्टेशन
टेक्निकल फाल्ट के चलते बंद अवस्था में है एक्सरे
मशीन ओखलकांडा का आयुष्मान आरोग्य मंदिर
‘विकास को धरातल पर उतारा है’
भीमताल विधानसभा क्षेत्र से विधायक राम सिंह कैड़ा वर्तमान में पुष्कर सिंह धामी सरकार में
कैबिनेट मंत्री हैं। उनका राजनीतिक सफर 1992 में छात्र राजनीति से शुरू हुआ। वे 1993 में हल्द्वानी के एमबीपीजी काॅलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन में भी कैड़ा ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिसके बाद वे पंचायत स्तर की राजनीति में भी लम्बे समय तक जुड़े रहे। 2012 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद 2017 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भीमताल से चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने। वर्ष 2021 में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की और 2022 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में दोबारा जीत दर्ज कर दूसरी बार विधायक बने
आपने 2017 में निर्दलीय और 2022 में भाजपा प्रत्याशी बतौर जीत हासिल की क्या आप मानते हैं कि पार्टी बदलने के बावजूद विकास की गति अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रही?
देखिए ऐसा नहीं है, विकास एक सतत् चलने वाली प्रक्रिया है और पहाड़ में विकास की भारी चुनौतियां हैं भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए मेरे कार्यकाल में जितने विकास कार्य हुए हैं उससे आप यह नहीं कह सकते कि विकास की गति अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रही है।
डबल इंजन सरकार होने के बावजूद भीमताल आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है?
देखिए पहाड़ की भौगोलिक स्थिति के अनुसार वहां विकास की बहुत-सी चुनौतियां हैं। मैंने उन चुनौतियों से निपटते हुए विकास की एक मजबूत बुनियाद अपनी विधानसभा में रखी है। मेरे पास विकास कार्यों की एक लम्बी सूची है जिससे मैं आपको बता सकता हूं कि मैंने अपने कार्यकाल में भीमताल के लिए क्या किया। कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है जहां मैंने विकास ना किया हो। चाहे वह सड़के हों, चाहे पेयजल योजनाएं हो, चाहे पर्यटन की सुविधा हो और चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो या फिर स्वास्थ्य का क्षेत्र।
2022 में कई पुराने भाजपा दावेदारों को दरकिनार कर आपको टिकट दिया गया आपके भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी के अंदर असंतोष की बातें सामने आती हैं क्या यह सच है?
असंतोष जैसी स्थिति मुझे तो आज तक कहीं नजर आई नहीं। यह आपका महज कयास है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से लेकर आम कार्यकर्ता के बीच में मेरी स्वीकार्यता एक भाजपा कार्यकर्ता के रूप में ही है और भाजपा में खूबी है कि उसमें शामिल होने के बाद वह सिर्फ बीजेपी का ही होता है और पार्टी के सारे कार्यकर्ता उसके लिए मिलजुल कर काम करते हैं तो इससे न संगठन में कोई नाराजगी है, न ही कार्यकर्ताओं में। हम सब मिलकर 2027 में भाजपा की सरकार लाने के लिए जुटे हुए हैं।
भीमताल के पूर्व भाजपा विधायक अपने कार्यकाल को बेहतर बताते हैं। क्या आप उनके इन दावों से सहमत हैं या उसे असंतोष जनक मानते हैं?
देखिए सहमत या असहमत होने जैसी कोई बात नहीं है। वो भी भाजपा परिवार के सदस्य हैं। मैंने पहले भी कहा कि विकास एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। उन्होंने भी अपने कार्यकाल में इस क्षेत्र की बेहतरी के लिए काम किया होगा और जहां तक मैं अपने कार्यकाल की बात करूं तो मैंने कई ऐसे विकास कार्यों की नींव रखी है जिनकी कल्पना इस क्षेत्र में की भी नहीं जा सकती थी।
क्षेत्र की कई प्रमुख सड़कों खुटानी धानाचूली, कसियालेख हरीशताल सड़क की हालत खराब है। डामरीकरण केवल कागजों में दिखाया गया है। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
मैं मानता हूं कि सड़कों की स्थिति खराब है लेकिन मैंने इन सड़कों के निर्माण के लिए पैसा स्वीकृत कराया है। कुछ में टेंडर हो गए हैं और कुछ में काम चल रहा है और कोई काम ऐसा नहीं है कि जो सिर्फ कागज में हुआ है। काम सब धरातल पर हुए हैं आप लोग वहां स्वयं गए थे तो आपने देखा होगा कि काम चल रहा है। सरकारी प्रक्रियाएं हैं, एस्टीमेट बनने से लेकर धन स्वीकृत तक एक लम्बी प्रक्रिया है लेकिन मेरी कोशिश यह रही है कि जितनी जल्दी हो सके मैं अपनी क्षेत्र की योजनाओं में काम प्राॅपर तरीके से कर सकूं।
आपकी विधानसभा जो एक पर्यटन क्षेत्र है में बुनियादी ढांचे का समुचित विकास क्यों नहीं हो पाया?
आप यह नहीं कह सकते कि पर्यटन के क्षेत्र में हमने कुछ काम किया ही नहीं या समुचित विकास नहीं हुवा। सड़कें किसी भी क्षेत्र में विकास की जीवन रेखा होती है। सड़कों के क्षेत्र में मैंने बहुत ज्यादा काम किया है। जब अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर होगा तो यातायात भी सुगम होगा, तभी पर्यटक भी यहां आएंगे। हमने अपनी विधानसभा में सड़कों का जाल बिछाया है। नई सड़कें काटने से लेकर पुरानी सड़कों के रखरखाव और डामरीकरण तक सब काम चल रहे हैं। कुछ पर काम पूरा हो चुका है और कुछ पर काम चल रहा है। कुछ क्षेत्रों में प्रस्ताव शासन को गए हैं और मुझे उम्मीद है कि जल्दी ही हम उनको स्वीकृत कराकर जो भी कमियां सड़कों के क्षेत्र में रह गई है उसे पूरा करेंगे। मैंने रानीबाग में भीमताल विधानसभा और कुमाऊं को जोड़ने वाले टू लेन स्टील गार्डर पुल का निर्माण कराया। काठगोदाम से दानीजाला अमृतपुर बाईपास मोटर मार्ग की स्वीकृत कराई है जिसमें 18 करोड़ 22 लाख रुपए स्वीकृत हुए हैं। इससे काठगोदाम के आस-पास लगने वाले जाम से एक हद तक निजात मिलेगी। ‘मेरा गांव मेरी सड़क’ योजना के अंतर्गत हरीशताल, गौनियारो, ककोड़ में तीन सड़कों की स्वीकृत कराकर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया है। रामगढ़ ब्लाॅक के वर्षों से लम्बित सूड से कुल बिरखन मोटर मार्ग की स्वीकृत कराकर निर्माण कार्य शुरू कराया, धारी से काॅल धानाचुली परबड़ा मोटर मार्ग का निर्माण कार्य शुरू करवाया। मेरी पूरी विधानसभा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राज्य सेक्टर और विधायक निधि से सड़कों के काम बड़े स्तर पर हुए हैं। कुकड़ा गाड़ नदी में पुलिया का निर्माण, झड़गांव गधेरे में पुलिया का निर्माण, स्याली पुल के लिए 1 करोड़ 55 लाख स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य शुरू हो गया है तो सड़क निर्माण, छोटे बड़े पुलों का काम पूरी विधानसभा क्षेत्र में चल रहा है। भीमताल में डैम संरक्षण कार्य के लिए 94 लाख स्वीकृत करवाए।
स्वास्थ्य सेवाओं की बात करें तो आपकी विधानसभा क्षेत्र में अस्पतालों में डाॅक्टर की कमी है, कहीं मशीन हैं तो टेक्नीशियन नहीं है और ओखलकांडा, धारी जैसे क्षेत्रों में आज भी लोगों को इलाज के लिए दूर जाना पड़ता है, इसका स्थाई समाधान क्या है?
मेरे द्वारा विधानसभा क्षेत्र में डॉक्टरों की कमी के लिए शासन को निरंतर लिखा जाता रहा है और कुछ हद तक डाॅक्टर यहां आए भी हैं लेकिन डॉक्टरों की कमी पूरी प्रदेश में है। टेक्निशियन की कमी का जहां तक प्रश्न है हमने शासन को लिखा है और इस बारे में हम लगातार स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों के सम्पर्क में हैं। मैंने स्वास्थ्य मंत्री से भी वार्ता की है और शीघ्र ही डाॅक्टर्स और टेक्निशियन की कमी यहां पूरी की जाएगी। जहां तक अल्ट्रासाउंड की बात है रामगढ़ और ओखलकांडा ब्लाॅक में ‘आरोही’ संस्था के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रा साउंड की व्यवस्था करवाई गई है। जहां एक्सरे मशीन हैं वहां रोज तो नहीं, सप्ताह में एक या दो बार अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
आपके विधानसभा क्षेत्र में शिक्षकों की कमी बताई जाती है, इस पर आपका क्या कहना है?
देखिए प्राथमिक स्कूलों की जहां तक बात है तो वहां शिक्षक शत प्रतिशत हैं और माध्यमिक या कहें इंटर कॉलेज का जहां तक प्रश्न है उसमें शिक्षकों की कमी जरूर है। विधानसभा सत्र के तुरंत बाद शिक्षकों की कमी के सम्बंध में मैं शिक्षा सचिव से मिला था। इस बीच मैंने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया है कि जहां-जहां शिक्षकों की कमी है उनको शीघ्र पूरा किया जाए। मेरे द्वारा हैड़ाखान, ओखलढूंगा, मीडार, नाई, गरगड़ी, कसियालेख, चैरलेख आदि इंटर काॅलेजों के भवनों और कक्षों के निर्माण करवाए गए। साथ ही माॅडल स्कूलों में विधायक निधि के माध्यम से मैंने प्रोजेक्टर और संसाधन पूरे क्षेत्र में उपलब्ध कराए हैं। उच्च शिक्षा की बात करें तो पतलोट में राजकीय महाविद्यालय के भवन निर्माण हेतु एक बड़ी धनराशि स्वीकृत कराई। इसका निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इसी प्रकार रामगढ़ में एक महाविद्यालय की स्थापना की जिसमें प्रवेश शुरू हो चुके हैं। रामगढ़ में विश्व भारती केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रथम परिसर के लिए डेढ़ सौ करोड़ की धनराशि स्वीकृत करवाई।
‘हर घर नल, हर घर जल’ योजना के तहत नल तो लगे लेकिन पानी नहीं पहुंचा क्या यह योजना फेल नहीं मानी जाए। कई गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है इस पर आपकी क्या ठोस योजना है?
देखिए जल जीवन मिशन केंद्र सरकार द्वारा पोषित योजना है। बीच में बजट की कुछ परेशानी जरूर हुई थी लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से वह शीघ्र ही राशि केंद्र सरकार से अवमुक्त होने वाली है। जल जीवन मिशन के तहत सैकड़ांे गांवों में पेयजल योजनाएं स्वीकार करवाकर युद्ध स्तर पर कार्य शुरू करवाया है। कई जगह पानी आना भी शुरू हो गया है। गौला से कालाआगर तक पम्पिंग योजना हेतु 25 करोड़ स्वीकृत करवाकर वहां भी काम शुरू करवाया। जलागम योजना के तहत प्राकृतिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित कर पेयजल संकट के समाधान की कोशिश की जा रही है। इसी प्रकार गरगड़ी, ओखलकांडा, भीड़ापानी, झुपलीबांज, रौशिल, खुटानी सहित अनेक जगहों पर हैंडपम्प लगाकर पेयजल समस्या के समाधान का प्रयास किया गया है।
भीमताल विधानसभा क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा मोबाइल कनेक्टिविटी से वंचित था, इस विषय में आपने क्या प्रयास किए?
ये आपका कहना बिल्कुल सही है कि मेरी विधानसभा के दूरस्थ स्थानों में मोबाइल कनेक्टिविटी या कहें संचार के साधनों की समस्या थी। अब मेरे प्रयासों से डालकन्या, कुंडल, अधौड़ा, मीडार, सुवाकोट, दुदली और अम्दों में बीएसएनएल टाॅवर की स्वीकृति करवाकर संचार की सुविधाओं का एक हद तक समाधान किया है।
बागवानी और फल उत्पाद क्षेत्र होने के बावजूद आपके क्षेत्र में मंडी और बाजार की सुविधा क्यों नहीं विकसित हो पाई?
धानाचूली में मंडी शीघ्र ही खुल जाएगी। मैं स्वयं उस दूरस्थ क्षेत्र का निवासी हूं और मैं काश्तकारों की परेशानियों को भलीभांति जानता हूं। मेरी कोशिश है कि पहाड़ के काश्तकार को अपना उत्पाद पहाड़ों में ही बेचने की सुविधा मिले।
पहाड़ों में खासकर आपकी विधानसभा में देखने में आया है कि जानवरों के आतंक से खेती चैपट हो रही है, साथ ही मानव- वन्यजीव संघर्ष के चलते कई लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है। इस बारे में आपकी और सरकार की क्या नीति है?
देखिए ये सिर्फ वन्यजीव का नहीं, आजीविका और सुरक्षा का गम्भीर संकट है। मेरा मानना है कि हमें इस पर दीर्घकालिक उपायों पर काम करने की जरूरत है। सोलर फेंसिंग, ट्रेंच, स्थानीय निगरानी दल के लिए वन विभाग को कहा गया है। नुकसान का तेज और पारदर्शी मुआवजा और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना मेरी प्राथमिकताओं में रहा है। वन्यजीवों के लिए सुरक्षित काॅरिडोर, जंगलों में खाद्य-पानी की उपलब्धता बढ़ाना और संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी की जरूरत है।
आपके विरोधी कहते हैं कि आपका कार्यकाल ‘घोषणाओं’ का दौर रहा ‘डिलीवरी’ का नहीं आप क्या कहेंगे?
आप मेरे क्षेत्र में जाकर खुद आकलन कीजिए कि मैंने सिर्फ घोषणा ही की या डिलीवरी भी रही। मेरा सिर्फ घोषणाओं में विश्वास नहीं है मैंने जो भी घोषणाएं की उन्हें धरातल पर भी उतारा है।
क्या आप आने वाले विधानसभा चुनावों में अपनी पिछली जैसी मजबूत जीत का दावा कर सकते हैं?
मैं जनता के बीच का व्यक्ति हूं, मुझे मेरी क्षेत्र की जनता पर पूरा भरोसा है।
जनता को अगर आपको 10 में से नम्बर देने को कहा जाए तो वो आपको कितने नम्बर देगी?
ये जनता के लिए प्रश्न है वो ही इसका बेहतर जवाब दे पाएगी।