भाजपा में बहुत कुछ बदले जाने की कवायद शुरू हो चुकी है। पार्टी के भीतर मौजूद असंतुष्ट खेमा अब ताल ठोंकने की तैयारियां में जुट गया है। मोदी-शाह द्वारा हाशिए में डाल दिए गए खांटी भाजपाई अब पलटवार का मन बना चुके हैं।
केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के चलते देश भर में भाजपा के खिलाफ बढ़ रहे असंतोष को नागरिकता कानून में संशोधन और राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, थाम पाने में सफल होता नजर नहीं आ रहा है।
खबर है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी की परफारमेंस के बाद असंतुष्ट खेमा अपने विरोध के स्वर मुखर कर सकता है। खबर यह भी है कि भाजपा आलाकमान हालात पर कड़ी नजर रखे हुए है। बहुत संभव है कि दिल्ली के चुनावी नतीजे यदि आशानुकूल नहीं रहे तो अन्य पार्टी शासित राज्यों में नेतृत्व परिवर्तन किया जा सकता है।
जानकारों की मानें तो उत्तराखण्ड प्रदेश भाजपा से मिल रहे फीड बैक के अनुसार राज्य के सीएम त्रिवेंद्र रावत हटाए जा सकते हैं। रावत को भी इस बात का अंदेशा हो चुका है इसलिए इन दिनों उनके दिल्ली दौरे खासे बढ़ गए बताए जा रहे हैं।

