उत्तराखंड की राजनीति में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ ही अफसरशाही में पूर्व में ही मुखिया के तौर पर उभरे सीएम के प्रिय ओमप्रकाश सिंह आखिर उत्तराखंड के चीफ सेक्रेटरी बन ही गए। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जब पीछे सरकार में कृषि मंत्री थे तब भी वह उनके ख़ास चहेते अफसरों में रहे थे । तब उन्हें त्रिवेंद्र सिंह रावत की रहनुमाई पर कृषि सचिव बनाया गया था। उसी दौरान कथित तौर पर ढैचा घोटाला हुआ था। जिसमें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और ओमप्रकाश सिंह का नाम चर्चा में रहा था।
उन्हीं ओमप्रकाश सिंह को अब प्रदेश का चीफ सेक्रेटरी बनाया गया है । इस पद पर वर्तमान में तैनात उत्पल कुमार सिंह शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। एक तरह से कहा जाए तो अब उत्तराखंड की अफसरशाही में ओम प्रकाश युग का आगाज हो गया है। हालांकि अंजाम क्या होगा यह तो खुदा ही जानें।

1987 बैच के उत्तराखंड के आईएएस अफसर ओम प्रकाश वर्तमान में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव पद पर हैं। कार्मिक विभाग के आदेश जारी होने के बाद शुक्रवार को वे मुख्य सचिव का कार्यभार ग्रहण करेंगे।
इसके साथ ही उधम सिंह नगर के जिलाधिकारी नीरज खैरवाल को अपर सचिव मुख्यमंत्री बनाया गया है। पिछले 3 साल से भी अधिक समय से उधम सिंह नगर के जिलाधिकारी रहे नीरज खैरवाल अपने सामने भाजपा विधायकों को कुछ नहीं समझते थे । पिछले दिनों किच्छा के विधायक राजेश शुक्ला और उनके बीच हुई गरमा गरमी चर्चा का विषय बनी थी।

जिलाधिकारी नीरज खैरवाल ने तब विधायक राजेश शुक्ला को यह तक कह दिया था कि इनकी याददाश्त कमजोर है, तथा इन्हें कुछ याद नहीं रहता। इसके बाद विधायक राजेश शुक्ला काफी गुस्से में हो कर मीटिंग को छोड़कर चले आए थे । तभी से कयास लगने शुरू हो गए थे कि अब उधम सिंह नगर के जिला अधिकारी पद पर नीरज खैरवाल ज्यादा दिन नहीं टिकेगे।
उधम सिंह नगर के जिलाधिकारी नीरज खैरवाल को अपर सचिव मुख्यमंत्री बनाया गया है । साथ ही श्रीमती रंजना को जिलाधिकारी उधम सिंह नगर बनाया गया है । जबकि विनीत कुमार को सीडीओ नैनीताल से जिला अधिकारी बागेश्वर के पद पर नियुक्ति दी गई है ।

