राज्यसभा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, ‘राजीव गांधी ने 1985 में असम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जोकि एनआरसी की तरह का था। कांग्रेस के पास इसे लागू करने की हिम्मत नहीं थी। हमने कर दिया।’ शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आप बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं। घुसपैठियों की पहचान करने की हिम्मत आज तक किसी सरकार ने नहीं दिखाई। बयान के बाद राज्यसभा में हंगामा हुआ पहले राज्यसभा को 10 मिनट के लिए और फिर कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। इससे पहले लोकसभा में मंगलवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रोहिंग्या पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि राज्य सरकार को एडवाइजरी जारी की गई है और सभी राज्य सरकारें उनके आंकड़े दें ताकि उन्हें देश से बाहर निकाला जा सके। इसके लिए म्यांमार सरकार से बात की जाएगी।
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