महाराष्ट्र में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों में अब महज चार.पांच महीने ही शेष बचे हैं। वर्तमान में हुए आम चुनाव के नतीजे अनुमानों के विपरीत आए। उद्धव सेनाए कांग्रेस और शरद पवार मजबूती से उभरेए जबकि अजित पवार और बीजेपी को भारी नुकसान हुआ। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा की नजर उद्धव सेना पर है। चर्चा है कि बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने उद्धव सेना के नेताओं से संपर्क किया है लेकिन वह राज्य में देवेंद्र फडणवीस को लेकर असहज हैं। इधर फडणवीस ने जिस तरह हार का ठीकरा खुद पर लेते हुए इस्तीफे की पेशकश की है उससे आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर होने के अनुमान लगाए जाने लगे हैं। सत्ताट्टाारी शिंदे सेना ने दावा किया कि उद्धव सेना के दो नवनिर्वाचित सांसदों ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से संपर्क किया है। वे एनडीए और शिवसेना शिंदे के साथ आना चाहते हैं। क्योंकि वे अपने चुनाव क्षेत्र का विकास चाहते हैं। साथ ही जिस तरह से एक तबके ने ‘फतव’ निकाल कर उद्धव का फेवर किया उससे वे सांसद भी नाराज हैं। दूसरी ओर अजित पवार की एनसीपी के कई लोगों के शरद पवार के संपर्क में होने की सुगबुगाहट तेज हो गई है, वहीं अजित पवार के लोगों ने यही दावा शरद पवार की पार्टी के लोगों के लिए किया है। पिछले दिनों अजित पवार ने पार्टी विधायकों और मंत्रियों की बैठक बुलाई थी जिसमें पांच विधायक और मंत्री नहीं पहुंचे थे। अब उनकी पार्टी के नेता व कैबिनेट मंत्री ट्टार्मराव बाबा आत्राम ने दावा किया कि शरद गुट के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल हमारे साथ आ सकते हैं जबकि जयंत ने दावा किया कि अजित गुट के कई विधायक शरद पवार के संपर्क में हैं। वहीं उद्धव ठाकरे के भी एनडीए को समर्थन देने की चर्चाएं चल रही हैं। इससे पहले उद्धव ठाकरे गुट की ओर से दावा किया गया कि शिंदे गुट के 6 विधायक उनके संपर्क में हैं।
उद्धव-शिंदे सेना में फिर भगदड़ के संकेत

