एक कहावत है एक अनार सौ बीमार। जो उत्तर प्रदेश की फूलपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा उम्मीदवारों पर सटीक बैठती है। असल में जल्द ही प्रदेश की जिन दस सीटों पर विधानसभा उपचुनाव होना है उनमें फूलपुर सीट भी शामिल है। पार्टी ने पिछले हफ्ते कार्यसमिति की बैठक फूलपुर क्षेत्र में ही आयोजित कर यह संदेश दे दिया है कि यहां कमल खिलाने को लेकर उसका पूरा फोकस है। मगर समाजवादी पार्टी संग चुनावी लड़ाई से पहले बीजेपी को प्रत्याशी का नाम तय करने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। चर्चा है कि यहां से अब तक तकरीबन 40 दावेदारों के नाम सामने आ चुके हैं और आने वाले दिनों में यह संख्या बढ़कर पचास तक जा सकती है। दावेदारों की बड़ी संख्या होने की वजह से पार्टी के सामने दिक्कत यह है कि किसी एक को टिकट मिलने पर बाकी दावेदार नाराज या निष्क्रिय हो सकते हैं और संगठन को उसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। कहा जा रहा है कि जातीय समीकरण के मद्देनजर पार्टी किसी ब्राह्माण या पटेल को टिकट देने का मन बना रही है। टिकट के सबसे ज्यादा दावेदार भी इन्हीं दो वर्गों से ही हैं। फूलपुर विधानसभा सीट पर यादव वोटर भी निर्णायक स्थिति में हैं। ऐसे में पार्टी के रणनीतिकार किसी यादव को भी मैदान में उतारकर विपक्षी वोट बैंक में सेंधमारी करने पर विचार कर रहे हैं। फूलपुर सीट पर तकरीबन एक दर्जन ब्राह्माण नेताओं ने टिकट को लेकर दावेदारी जताई है। ब्राह्माण वर्ग के दावेदारों में सबसे बड़ा नाम इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राधाकांत ओझा का है। उनकी संघ में जबरदस्त पैठ बताई जाती है। उनके भाई उत्तर प्रदेश में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा पूर्व विधायक प्रभाशंकर पांडेय, पूर्व जिलाध्यक्ष कन्हैया लाल पांडेय, पूर्व जिला उपाध्यक्ष अरुण कुमार मिश्र बहरिया के ब्लॉक प्रमुख शशांक मिश्र, स्कूल संचालक संगम लाल मिश्र, डीपी पांडेय और पूर्व पार्षद उमेश द्विवेदी भी प्रमुख दावेदार हैं तो वहीं पटेल समुदाय से दावेदारी करने वालों में सबसे प्रमुख नाम पूर्व विधायक दीपक पटेल का है। वह फूलपुर की निवर्तमान सांसद केशरी देवी पटेल के बेटे हैं। लोकसभा चुनाव में पार्टी ने केशरी देवी का टिकट काट दिया था। ऐसे में उनके बेटे को उम्मीदवार बनाकर उनकी नाराजगी को दूर किया जा सकता है। मौजूदा सांसद प्रवीण पटेल की पत्नी गोल्डी पटेल भी प्रबल दावेदारों में शामिल हैं। हालांकि उन्होंने औपचारिक तौर पर अभी आवेदन नहीं किया है। सांसद प्रवीण पटेल के रिश्तेदार अनिरुद्ध पटेल भी टिकट मांग रहे हैं। फूलपुर लोकसभा सीट से सांसद रहे नागेंद्र पटेल वैसे तो सहयोगी पार्टी अपना दल में हैं लेकिन वह भी यहां से टिकट चाहते हैं। इसके अलावा फूलपुर के ब्लॉक प्रमुख जितेंद्र सिंह पटेल, पूर्व विधायक करन सिंह पटेल के बेटे और पार्टी के वरिष्ठ नेता विक्रम पटेल, गंगापार की जिलाध्यक्ष कविता पटेल और युवा नेता विपेंद्र पटेल भी दावेदारी कर रहे हैं। यादव उम्मीदवारों की बात करें तो फूलपुर विधानसभा सीट पर यादव वोटरों की संख्या तकरीबन साठ हजार है। ऐसे में पार्टी के कुछ नेता यादव उम्मीदवार उतारने की मांग कर रहे हैं। बीजेपी के पास यहां दो मजबूत यादव नेता बहादुरपुर के ब्लॉक प्रमुख अरुणेंद्र यादव और नगर पंचायत के चेयरमैन अमरनाथ यादव जोर शोर से दावेदारी कर रहे हैं। यही नहीं वैश्य समुदाय से भी बड़ी संख्या में नेताओं ने दावेदारी की है।
एक अनार सौ बीमार

