हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए पांच अक्टूबर को मतदान होना है। इस चलते जहां नेताओं का दलबदल देखने को मिल रहा है वहीं सियासी हलकों में चर्चा जोरों पर है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठजोड़ हो सकता है। पार्टी सूत्रों की मानें तो लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस की एक बैठक में ‘आप’ के साथ हरियाणा चुनाव को लेकर गठबंधन पर जोर दिया। इसके एक दिन बाद ‘आप’ के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने राहुल की पहल का स्वागत कर कहा कि भाजपा को हराना हम सबका मकसद है। लेकिन इस बारे में आधिकारिक तौर पर हमारे राज्य प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष इसकी सूचना पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल को देंगे उसके बाद गठबंधन पर फैसला लिया जाएगा। इन बयानों को लेकर राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही दोनों पार्टियों के बीच सीट शेयरिंग पर मंथन कर गठबंधन का ऐलान किया जाएगा। गौरतलब है कि हरियाणा में एक दशक से भाजपा की सरकार है। इस दौरान जाट आंदोलन हुआ, किसान अभी भी सड़कों पर आंदोलित हैं फिर भी भाजपा ने अपने दो कार्यकाल पूरे कर लिए। लेकिन अब जमीन पर भाजपा के खिलाफ एंटी इंकम्बेंसी भी साफ नजर आ रही है। इसके अलावा तमाम मुद्दों ने भी सैनी सरकार की चुनौती बढ़ाने का काम किया है। ऐसे में अगर कोई दल गठबंधन न करे तो भाजपा सरकार बना सकती है। इस बात को कांग्रेस समझ रही है। उसे पता है कि बीजेपी से बेहतर प्रदर्शन कांग्रेस कर सकती है। लेकिन अगर सरकार बनाने की स्थिति में आना है तो कई सीटों पर एकमुश्त मतों की जरूरत पड़ेगी जो आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन से हो सकता है। इस लिहाज से गढ़बंधन जरूरी है।
हाथ को मिल सकता है ‘आप’ का साथ

