तृणमूल कांग्रेस में युवा नेताओं के बीच नेतृत्व को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। कई नेता पार्टी में भागीदारी की कमी और अभिषेक बनर्जी के वर्चस्व से असहज हैं। वहीं, पहलगाम आतंकी हमले के बाद भाजपा और टीएमसी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार पर पाकिस्तान के प्रति नरम रुख का आरोप लगाया, तो टीएमसी ने पलटवार करते हुए केंद्र से पाक अधिकृत कश्मीर को भारत में मिलाने की मांग कर डाली है। बंगाल की राजनीति अब राष्ट्रीय मुद्दों की ओर मुड़ती दिख रही है। लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के रिश्तों में एक नई गर्माहट दिख रही है। अधीर रंजन चैधरी को दरकिनार किए जाने के बाद दोनों दलों के बीच फिर से सीमित गठबंधन की संभावना पर चर्चा शुरू हो गई है। विशेषकर 2026 के बंगाल विधानसभा चुनावों को देखते हुए कुछ सीटों पर तालमेल का संकेत मिल रहा है, जिससे भाजपा को चुनौती दी जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस से दोस्ती करने के सिवा अब ममता के सामने अन्य कोई विकल्प बचा नहीं है। वहीं कांग्रेस भी राज्य में अपना खोया जनाधार वापस पाने के लिए तृणमूल पर आश्रित है।
संकटग्रस्त ममता अब कांग्रेस के सहारे

