अभी तक समाजवादी पार्टी अयोध्या के विवादास्पद मामले से किनारा किए हुए है। पार्टी की तरफ से कोई साफ संकेत नहीं आया है जिससे यह अंदाजा लगाया जा सके कि पार्टी की नीति राम मंदिर बनाने के विरोध में है या समर्थन में। लेकिन प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव ने यह कहकर मामले को तूल दे दिया है कि अयोध्या में राम मंदिर बनना चाहिए। उत्तराखण्ड मूल की अपर्णा बिष्ट यानी अपर्णा यादव को बेबाक बात करने के लिए जाना जाता है। पिछले दिनों जब अपर्णा चचिया ससूर शिवपाल यादव ने समाजवादी सेक्यूलर मोर्चा से समाजवादी प्रगतिशील पार्टी बनाई तो अपर्णा उनके समर्थन में आ गई थी। हालांकि शिवपाल यादव की प्रतिशील पार्टी को भाजपा की बी टीम कहा जाने लगा है। कारण कि जिस तरह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने शिवपाल को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का बंगला एलाट कराया और उन्हें जेड प्लस की सुरक्षा दी है तब से शिवपाल यादव पर उंगलिया उठ रही है। शिवपाल यादव की समाजवादी प्रगतिशील पार्टी से सबसे ज्यादा नुकसान समाजवादी पार्टी को ही होने वाला है। अखिलेश यादव आगामी 2019 में कमजोर हो सकते है। जितना ज्यादा समाजवादी प्रगतिशील पार्टी मजबूत होगी 2019 में इसका उतना ही नुकसान समाजवादी पार्टी को उठाना पड़ेगा। इस तरह 2019 का लोकसभा चुनाव समाजवादी पार्टी के लिए चिंतानजनक हो सकता है। उधर अपर्णा यादव के राम मंदिर मामले पर दिए गए बयान से अल्पसंख्यक समाज का मतदाता भी पार्टी की झोली से निकल सकता है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी का कहना है कि राम मंदिर मुद्दे पर हमारी पार्टी की तरफ से अभी कोई अधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इस कारण वह इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं।
राम मंदिर बनना चाहिए :अपर्णा यादव

