हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सहयोगियों ने पहले ही कह दिया है कि 18 अगस्त को रोहतक में बड़ा ऐलान होने जा रहा है, यह कुछ भी होने की सम्भावना है । ऐसे में हुड्डा नयी पार्टी बनाने की बजाय पहले से बने दल में जा सकते हैं या कांग्रेस में ही रहेंगे इसका खुलासा आज होगा । पिछले 1 महीने से लगातार इस रैली के सफल होने के लिए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं ।
- लेकिन कल हरियाणा के कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद और भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मुलाकात हो गई है। जिसमें आजाद ने हुड्डा को मनाने की भरपूर कोशिश की है ।उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुडडा को कांग्रेस में ही बने रहने की सलाह दी है । अब देखना है कि आज इस सलाह पर हुड्डा कितना सीरियस होते हैं ?
उधन पार्टी आलाकमान सोनिया गाँधी की भी सारे घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है। रैली से पहले तक हुड्डा को भी आलाकमान के निर्णय का इंतजार रहेगा । हुड्डा इस रैली को चुनावी रैली के रूप में देख रहे हैं,इसलिए इसमें अपनी पूरी ताकत भी लगा रहे हैं ।कहा जा रहा है कि अगर हुड्डा कांग्रेस पार्टी में रहते हैं, तो हरियाणा में पार्टी की कमान खुद लेने के लिए जोर लगाएंगे ।
कांग्रेस के हुड्डा खेमे की कई दिन की सियासी उठापटक के बीच आज राेहतक के मेला ग्राउंड में बहुप्रतिक्षित महापरिवर्तन महारैली हाेगी । रैली में हुड्डा के राष्ट्रवादी कांग्रेस (राकांपा) में जाने के भी कयास लगाए जा रहे हैं । इस बीच शनिवार को कांग्रेस पार्टी के हरियाणा प्रभारी गुलाम नबी आजाद से हुड्डा की मुलाकात से समीकरण अब बदलते नजर आ रहे हैं । दिल्ली में आजाद और हुडडा की हुई मीटिंग में आजाद ने हुड्डा को पार्टी में ही बने रहने व इन अटकलों पर विराम लगाने को बोला है ।
पार्टी सूत्र बताते हैं कि आजाद ने हुड्डा को दो बार मुख्यमंत्री बनाने का वक्त याद दिलाते हुए उन्हें आश्वासन दिया कि पार्टी में उनका कद कम नहीं है । और आगे भी कम नही होगा। ऐसे में अब आसार यही बन रहे है कि रोहतक में आज होने वाली रैली हुड्डा का शक्ति प्रदर्शन होगा या वह एकजुट होकर भाजपा के विरूद्ध लड़ने का संदेश देंगे ?

