उत्तर प्रदेश के बदांयू जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जिले के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में सैलून संचालक द्वारा दो बच्चों की रोंगटे खड़े कर देने वाली हत्या की घटना ने देशभर में केहराम मचा दिया है। इस घटना के बाद से बदांयू में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि इस वारदात को अंजाम देने वाले शख्स को एनकाउंटर कर मार गिराया है और बच्चों के शव को पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंच चुके हैं। वहीं घटना के चश्मदीद गवाह दोनों मासूम मृतकों के भाई ने पूरी घटना को बयान करके बताया है। जिसके बाद नाई के द्वारा की गई इस शर्मनाक घटना के बाद जिले में तनाव का माहौल है। गुस्साए लोगों ने नाई की दुकान में आग लगा दी है जिसके बाद वहां के हालात काफी तनावपूर्ण नजर आ रहे हैं।
क्या बताया चश्मदीद गवाह ने
इस हत्याकांड के चश्मदीद और मौका-ए-वारदात में बचे युवराज ने मीडिया को बताया कि, ‘सैलून वाला आदमी यहां आया और वह मेरे भाइयों को ऊपर ले गया, मुझे नहीं पता कि उसने उन्हें क्यों मारा। उसने मुझ पर भी हमला करने की कोशिश की, लेकिन मैंने उसका चाकू छीन लिया, उसे धक्का दिया और नीचे भाग गया। मेरे हाथ और सिर में चोटें उसी समय आई। वह दो लोग थे, मोहम्मद साजिद, जिसने हाल ही में इलाके में नाई की दुकान खोली थी, एक परिचित विनोद कुमार के घर में घुस गया और उसके तीन बच्चों एक 12 साल के आयुष, 8 साल के अहान उर्फ हनी और 10 साल के युवराज पर कुल्हाड़ी से हमला कर मार दिया।’
आरोपी को पुलिस ने मारी गोली
इस हमले में दो भाई आयुष और अहान की मौत हो गई, वहीं तीसरा भाई युवराज कुछ गंभीर घावों के साथ बच निकला। जिसके बाद यूपी पुलिस इस को ढूंढ़ने में लग गई जिसके बाद उसे पकड़ा गया। आरोपी के पुलिस से भागने के कारण पुलिस को उसपर गली चलनी पड़ी और वह मोके पर ही मारा गया। हालांकि इस अपराध का मकसद अभी तक पता नहीं चल पाया है क्योंकि पीड़ित के परिवार ने दावा किया है कि आरोपियों के साथ उनकी पहले से कोई दुश्मनी नहीं थी।
उधारी का बनाया था बहाना
पुलिस ने बताया कि आरोपी साजिद विनोद के घर के सामने ही उसकी नाई की दुकान थी, वह लोग एक दूसरे को अच्छे से जानते थे। जिस दिन वह बच्चों को मारने के लिए पहुंचे उस समय वह विनोद के घर उनकी बीवी से 5 हजार रुपये लेने पंहुचा था। उसने बताया था कि उसकी बीवी गर्भवती है और अस्पताल में एडमिट है उसे पैसों की सख्त जरूरत है।
इसके बाद संगीता ने विनोद को फोन किया जिसने उसे पैसे उधार देने के लिए कहा। तभी संगीता चाय बनाने के लिए रसाई की ओर गई। तब उसने मौका देखते हुए बच्चों से ऊपर छत्त पर बने अपनी मां के ब्यूटी पार्लर दिखाने को कहा। 12 साल का बच्चा साजिद को घर की दूसरी मंजिल पर ले गया, जहां आरोपी ने लाइट बंद कर दी और बच्चे पर चाकू से हमला कर दिया। जब साजिद आयुष का गला काट रहा था तो सबसे छोटा भाई अहान अंदर आया। साजिद ने अहान को पकड़ लिया और उसे मार डाला और उनके दूसरे भाई पर भी हमला किया, जो अपनी जान छुड़ाकर भाग गया।
कोई दुश्मनी नहीं थी
बच्चों के माता-पिता का कहना है की हमारा उनसे कोई विवाद नहीं था। जब वह घर आया तो विनोद काम के सिलसिले में घर से बाहर था। उसने 5,000 रुपये मांगे और मेरी पत्नी ने उसे पैसे दे दिये। परिवार ने आरोप लगाया कि हत्या करने के बाद साजिद अपने भाई जावेद के साथ घटनास्थल से भाग गया, जो अपनी बाइक पर घर के बाहर इंतजार कर रहा था। पीड़ित परिवार के अनुसार, साजिद और जावेद दोनों अपराध में शामिल थे। पुलिस अभी भी जावेद की तलाश कर रही है।

