बिजली के दामों में हुई बढ़ोतरी के खिलाफ 11 सितम्बर को कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं ने ममता सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया है। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल भी किया है। बीजेपी कार्यकर्ता बढ़े रेट वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
साथ ही बीरभूम जिले के नानूर के मृत भाजपा कार्यकर्ता स्वरूप गोराई के शव को छिपाने को लेकर भाजपा पुलिस के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की भी तैयारी कर ली है। 10 सितम्बर को मुहर्रम की वजह से हाईकोर्ट बंद होने पर भाजपा 11 सितम्बर को याचिका दायर करेगी।
इससे पहले स्वरूप के पार्थिव शरीर को पुलिस द्वारा एनआरएस अस्पताल से प्रदेश भाजपा कार्यालय नहीं ले जाने दिया गया था। जिस फैसले से नाराज परिजनों व भाजपा नेताओं ने शव लेने से इन्कार कर दिया था। इधर, “पुलिस की ओर से मृतक के घर के बाहर एक नोटिस लगाया गया है, जिसमें लिखा गया है कि मृतक के परिजनों द्वारा शव लेने से इन्कार करने की वजह से उसे फिलहाल अस्पताल के शवगृह में रखा गया है।”
वहीं इसके उलट मृतक के परिजनों का आरोप लगाया है कि वे स्वरूप के पार्थिव शरीर को प्रदेश भाजपा कार्यालय ले जाना चाहते थे लेकिन पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद उन्होंने शहर के एंटाली थाने में पुलिस पर शव चोरी का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया है। वहीं भाजपा इस मामले में अदालत का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है।
स्वरूप गोराई बीरभूम जिले के नानूर विधानसभा के भाजपा कार्यकर्त्ता थे। शनिवार को तृणमूल के समर्थकों ने उन पर हमला किया, जिसमें वह बुरी तरह से घायल हो गए थे। इसके बाद उन्हें कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हो गई थी ।

