पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस का प्रकोप झेल रही है तो वहीं जहां से कोरोना फैला वह चीन अब अपनी अर्थव्यवस्था को लेकर चर्चा में हैं। दुनियाभर के कई देशों की अर्थव्यवस्था कोरोना के कारण पटरी से उतर चुकी हैं। दूसरी तरफ चीनी अर्थव्यवस्था एक बार फिर से ग्रोथ के रास्ते पर अग्रसर है।
चीन ने जून तिमाही में 3.2 पर्सेंट की ग्रोथ हासिल की है, जबकि इससे पहले की तिमाही में चीन की अर्थव्यवस्था में 6.8 पर्सेंट की जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। साल 1960 के दशक के बाद यह पहला अवसर था, जब चीन को इतनी बड़ी गिरावट झेलनी पड़ी थी।
कोरोना की रोकथाम से निपटने के बीच लगाए लॉकडाउन के खत्म होने के बाद से ही चीन की ग्रोथ में जबरदस्त इजाफा हुआ है। इसके साथ ही चीन दुनिया की पहली ऐसी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, जिसने कोरोना काल में भी ग्रोथ दर्ज की है।
जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट के मार्सेला चाउ की ओर से कहा गया कि एक रिपोर्ट में सामने आया है कि चीन की अर्थव्यवस्था में आने वाली तिमाहियों में अर्थव्यवस्था और ग्रोथ की उम्मीद जताई जा रही है। कोरोना वायरस के मामले चीन में दिसंबर महीने में तेज गति के साथ बढ़े थे। जिसके बाद वहां की सरकार की ओर सख्त कानून और प्रतिबन्ध लागू कर दिए गए थे। जबकि उस समय चीन ही पहला देश था, जिसने लॉकडाउन में छूट मार्च में देनी शुरू की थी।
चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि चीनी अर्थव्यवस्था कमजोरी के दौर से उबर रही है और 2020 की पहली छमाही में ग्रोथ देखने को मिली है। अब तक चीन में कोरोना वायरस के संक्रमण से 4,634 मौते हुई हैं, जबकि कुल 83,611 केसों की पुष्टि हुई है।
बीते 9 दिनों के अंदर चीन में स्थानीय स्तर पर कोरोना वायरस से जुड़ा कोई केस नहीं आया है। चीन ने अब घरेलू स्तर पर टूरिज्म में भी छूट देनी शुरू कर दी है। टूरिस्ट साइट्स पर उनकी कुल क्षमता के 50 फीसदी के बराबर लोगों को विजिट करने की परमिशन दी गई है। साथ ही एक राज्य से अन्य राज्य में आवाजाही भी होने लगी है।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि अन्य देशों के मुकाबले चीन की अर्थव्यवस्था इस कोरोना काल में जल्दी पटरी पर आ सकती है और इसका एक कारण है कि चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से वायरस से निपटने के लिए कड़े प्रतिबंध लागू किए गए थे।
चीन के वुहान शहर से वायरस के प्रसार रोकने के लिए चीन ने बाकी देश का संपर्क वुहान से पूरी तरह से खत्म कर दिया था और पूरी तरह से कड़े प्रतिबंधों को लागू कर उपाय किए गए। चीन में मैन्युफैक्चरिंग समेत कई इंडस्ट्रीज पटरी पर आ चुकी हैं। हालांकि, नौकरियां जाने के डर से अब भी लोग खर्च करने से डर रहे हैं। सिनेमाघर अब भी चीन में पहले की तरह से बंद हैं और यात्राओं पर भी कुछ प्रतिबंध लागू हैं।

